Edited By Manisha rana, Updated: 13 Mar, 2026 04:19 PM

हरियाणा में कल से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रशेखर डागर ने बताया कि आगामी 17 मार्च तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में छिटपुट बूंदाबांदी के साथ तेज़ हवाएँ चलने से अधिकतम...
हिसार (विनोद सैनी) : हरियाणा में कल से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रशेखर डागर ने बताया कि आगामी 17 मार्च तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में छिटपुट बूंदाबांदी के साथ तेज़ हवाएँ चलने से अधिकतम तापमान में कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 2-3 डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। डॉक्टर चंद्रशेखर डागर ने कहा कि आज हरियाणा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से लेकर 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दक्षिण हरियाणा में तापमान की बढ़ोतरी ज़्यादा देखी गई है। बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगने से किसानों को राहत ज़रूर महसूस होगी।
कृषि अधिकारी अरुण यादव ने कहा कि किसान अपनी गेहूँ की फसल में हल्की सिंचाई जरूर करें। इस तापमान में गेहूं में जो दाना बन रहा है उसको पानी की और सिंचाई की आवश्यकता होती है। सिंचाई करने से दाने का साइज पूरा हो जाएगा। दूसरा जो तापमान बढ़ रहा है उसमें भी नमी की वजह से फसल का तापमान बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि अब फसल पकाई पर है और अप्रैल माह में तो कटाई शुरू भी हो ही जाती है तो इतना अधिक नुकसान होने की संभावना नहीं है। कृषि अधिकारी ने कहा कि हल्की सिंचाई दिन के समय 11 बजे से 2 बजे के बीच करें। किसान दो किलो पोटेशियम नाइट्रेट का स्प्रे प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिला कर करेंगे तो किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)