बिना अनुमति तोड़ी लाइब्रेरी की बिल्डिंग, नगर परिषद के अधिकारी सोते रहे कुम्भकरणी नींद(VIDEO)

Edited By Isha, Updated: 17 Jan, 2020 06:03 PM

नगर परिषद कैथल द्वारा वर्ष 1991 में लोगों के लिए सन होटल के साथ ही खोली गई डा. भीम राव अंबेडकर लाइब्रेरी, जो अब बंद है को कुछ दुकानदारों ने अपने लाभ के लिए बिना अनुमति के ही तोड़ डाला। इस

कैथल(सुखविंद्र)- नगर परिषद कैथल द्वारा वर्ष 1991 में लोगों के लिए सन होटल के साथ ही खोली गई डा. भीम राव अंबेडकर लाइब्रेरी, जो अब बंद है को कुछ दुकानदारों ने अपने लाभ के लिए बिना अनुमति के ही तोड़ डाला। इस लाइब्रेरी की दूरी नगर परिषद से मात्र 50 मीटर है, उसके बावजूद लाइब्रेरी तोड़े जाने के कई दिनों बाद अधिकारी जागे और बिल्डिंग तोड़े जाने का कार्य बंद करवाया। अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने संबंधित दुकानदार को नोटिस देकर जवाब मांगा गया और बिल्डिंग तोड़े जाने से जो नुक्सान हुआ है, उसकी उससे भरपाई भी करवाई जाएगी। 

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लेकिन बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद द्वारा अपनी जमीन पर बनाई गई इस लाइब्रेरी को कुछ दुकानदारों ने कब्जा करने के लिए तोड़ दिया। नई दीवार भी निकाल दी और अधिकारी सोते रहे। जब मामला उछला तो अधिकारी कार्रवाई किए जाने की बात कर रहे हैं। लेकिन कार्रवाई क्या की गई है, उस बारे में अधिकारी बंगले झांकने लग जाते हैं। लाइब्रेरी में भारी मात्रा में खाली शराब की बोतलें भी पाई गई है और शराब की बोतलों रखी होने की सूचना पर अधिकारियों का कहना है कि वे लाइब्रेरी का निरीक्षण कर जांच करेंगे।

बताया जा रहा है कि नगर परिषद ने कुछ दुकानों को खुली बोली पर दिया गया था और उन दुकानों के ऊपर नगर परिषद ने एक लाइब्रेरी बनाई थी, ताकि उसमें बच्चे आकर पढ़ सकें। वर्ष 1991 में इस लाइब्रेरी का उद्घाटन कैथल के तत्कालीन उपायुक्त महा सिंह मलिक द्वारा किया गया था और उस समय नगर परिषद के प्रधान डा. मेहर सिंह सैनी थे। कैथल में नई लाइब्रेरी बनने के बाद इस लाइब्रेरी को बंद कर दिया गया था लेकिन नीचे के दुकानदारों ने अपने ऊपर बनी लाइब्रेरी की जगह पर कब्जा करने के लिए बिना अनुमति के ही इस लाइब्रेरी की बिल्डिंग को गिराना शुरू कर दिया लेकिन जब विवाद हुआ तो अधिकारी जागे और कार्रवाई किए जाने के वायदे कर रहे हैं।
 

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