हरियाणा में अब तक 291 नकलची पकड़े,  ड्यूटी में कोताही बरतने पर 61 कर्मचारी कार्यभार मुक्त

Edited By Isha, Updated: 22 Mar, 2026 06:08 PM

291 cheaters caught in haryana in board exam

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार नकल माफिया और अनुचित साधनों का प्रयोग करने  वाले छात्रों की खैर नहीं है। बोर्ड प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में चलाए जा रहे विशेष अ

डेस्क:  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार नकल माफिया और अनुचित साधनों का प्रयोग करने  वाले छात्रों की खैर नहीं है। बोर्ड प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 291 नकलचियों को पकड़ा जा चुका है। इन सभी परीक्षार्थियों के खिलाफ UMC (Unfair Means Case) दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

फ्लाइंग स्क्वाड की ताबड़तोड़ छापेमारी
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार और सचिव के नेतृत्व में गठित विशेष उड़नदस्तों (Flying Squads) ने प्रदेश के संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान नूंह, जींद और सोनीपत जैसे जिलों में सबसे अधिक मामले सामने आए। कई छात्र मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और माइक्रो-पर्चियों के साथ नकल करते पकड़े गए। जींद में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के फोन में पेपर की 'आंसर-की' मिलने से हड़कंप मच गया, जिस पर तुरंत संज्ञान लिया गया।


इस बार बोर्ड ने पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। हर प्रश्नपत्र पर एक विशिष्ट QR कोड और डिजिटल पहचान अंकित है। यदि कोई भी छात्र या कर्मचारी पेपर की फोटो खींचकर बाहर भेजता है, तो बोर्ड का कंट्रोल रूम तुरंत उस सेंटर और छात्र की पहचान कर लेता है। प्रदेश के अधिकांश परीक्षा केंद्रों को सीधे बोर्ड मुख्यालय से जोड़ा गया है, जहाँ लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।

लापरवाह स्टाफ पर भी गिरी गाज
नकल रोकने में विफल रहने और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले पर्यवेक्षकों (Supervisors) और केंद्र अधीक्षकों पर भी बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। दर्जनों शिक्षकों को ड्यूटी से कार्यभार मुक्त (Relieve) कर दिया गया है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी केंद्र पर सामूहिक नकल की पुष्टि होती है, तो वहां दोबारा परीक्षा कराने का पूरा वित्तीय भार दोषी स्टाफ से वसूला जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि UMC दर्ज होने वाले छात्रों का न केवल संबंधित विषय का पेपर रद्द होगा, बल्कि गंभीर मामलों में उन्हें आगामी 1 से 3 साल तक परीक्षाओं में बैठने से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।

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