हरियाणा के राइस मिलरों की 'बल्ले-बल्ले': केंद्र ने हटाई ये शर्त... मिलों में रुका काम फिर पकड़ेगा रफ़्तार

Edited By Isha, Updated: 22 Mar, 2026 01:50 PM

centre removes condition for blending frk in rice

मुख्य संवाददाताकेंद्र सरकार ने हरियाणा के राइस मिलरों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें FRK (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) की ब्लेंडिंग से बड़ी राहत दी है। केंद्र के इस फैसले के बाद अब मिलरों को चावल की डिलीवरी के समय उसमें...

चंडीगढ़: केंद्र सरकार ने हरियाणा के राइस मिलरों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें FRK (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) की ब्लेंडिंग से बड़ी राहत दी है। केंद्र के इस फैसले के बाद अब मिलरों को चावल की डिलीवरी के समय उसमें 1% फोर्टिफाइड चावल मिलाने की जरूरत नहीं होगी। इस निर्णय से राज्य के चावल उद्योग में आ रही तकनीकी और आर्थिक बाधाएं दूर होने की उम्मीद है।

क्यों उठ रही थी राहत की मांग?
पिछले काफी समय से हरियाणा के राइस मिलर एसोसिएशन केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) से इस शर्त को हटाने की मांग कर रहे थे। मिलरों का तर्क था कि:मशीनरी का अभाव: कई छोटी मिलों के पास FRK ब्लेंडिंग के लिए आधुनिक मशीनें नहीं थीं। FRK मिलाने से प्रति क्विंटल चावल की लागत बढ़ रही थी, जिसकी भरपाई में दिक्कत आ रही थी।

 कई बार FRK मिलाने के बाद भी सैंपल फेल हो रहे थे, जिससे मिलरों को भारी जुर्माना भरना पड़ रहा था।मिलरों में खुशी की लहरहरियाणा राइस मिलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस शर्त के कारण बड़ी मात्रा में चावल की डिलीवरी अटकी हुई थी। अब एफसीआई के गोदामों में चावल का स्टॉक समय पर पहुँच सकेगा और मिलरों पर पड़ रहा अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी कम होगा।

क्या है FRK?
फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) वह चावल है जिसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन $B_{12}$ जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। सरकार ने कुपोषण से लड़ने के लिए इसे अनिवार्य किया था, लेकिन व्यवहारिक दिक्कतों के चलते अब इसमें ढील दी गई है।

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