Edited By Manisha rana, Updated: 23 Mar, 2026 04:16 PM

रेवाड़ी के माजरा में एनएच-11 स्थित निर्माणाधीन देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को कार्यशील बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्रालय ने एम्स में एमबीबीएस की शुरुआती 50 सीटों को मंजूरी दे दी है।
रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : रेवाड़ी के माजरा में एनएच-11 स्थित निर्माणाधीन देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को कार्यशील बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्रालय ने एम्स में एमबीबीएस की शुरुआती 50 सीटों को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही एमबीबीएस की कक्षाएं और ओपीडी सेवाएं शुरू होंगी।
दिल्ली एम्स द्वारा रेवाड़ी एम्स में प्रशासनिक पदों को भरने के लिए पहले ही विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। अन्य पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है। रेवाड़ी एम्स में कुल 1700 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती की जानी है। एम्स प्रशासन द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का यह पहला अवसर है। गुरुग्राम के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कार्यालय ने बताया कि एम्स प्रशासन को भविष्य में तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों के लिए और विज्ञापन जारी करने हैं। कुछ पदों के लिए वित्त मंत्रालय से अभी मंजूरी नहीं मिली है, जिसकी जल्द मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की ओर से तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों को भरने के लिए वित्त व्यय विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जल्द ही वित्त मंत्रालय से बात कर फाइलों को मंजूरी दिलवाएंगे, ताकि तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों को भी भरा जा सके।
एम्स में ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए डॉक्टरों की नियुक्तियां आवश्यक हैं और इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह ने दोहराया कि तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भी जल्द भर्ती शुरू होगी। 750 बिस्तरों वाले इस एम्स के निर्माण पर लगभग 1700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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