Edited By Yakeen Kumar, Updated: 23 Sep, 2025 08:47 PM

हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी दक्षिण हरियाणा से नया प्रदेश अध्यक्ष चुन सकती है।
चंडीगढ़ : हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी दक्षिण हरियाणा से नया प्रदेश अध्यक्ष चुन सकती है। नारनौल के पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह को अचानक दिल्ली बुलाया गया है और उन्हें बिहार में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में विशेष आमंत्रण मिला है।
चौंकाने वाली बात यह है कि राव नरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दोनों ही CWC के सदस्य नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें बैठक में बुलाया गया है। चर्चा है कि कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने हुड्डा का नाम CLP लीडर के लिए आगे बढ़ाया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में हुड्डा को CLP लीडर और राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर मुहर लग सकती है।
बैठक में हरियाणा से सांसद कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद रहेंगे। विधानसभा चुनाव को लगभग 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नेता प्रतिपक्ष का ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में इस बैठक को हरियाणा कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा
जानिए कौन हैं राव नरेंद्र सिंह

नारनौल के वरिष्ठ नेता राव नरेंद्र सिंह हरियाणा की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे 3 बार विधायक रह चुके हैं। 1996 और 2000 में अटेली से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे, जबकि 2009 में नारनौल से विधायक बने। इसी कार्यकाल में 2009 से 2014 तक हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया।
राव नरेंद्र सिंह ने अपना राजनीतिक सफर हरियाणा जनहित कांग्रेस (HJC) से शुरू किया था और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके पिता राव बंसी सिंह भी 3 बार विधायक और राज्य में पंचायत मंत्री रह चुके हैं।
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