Edited By Harman, Updated: 21 May, 2026 12:00 PM

बहादुरगढ़ की महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी परिसर में सीवरेज टैंक की जहरीली गैस की चपेट में आने से प्लम्बर सुनील की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और 1 करोड़ रुपये मुआवजा व मृतक की पत्नी को नौकरी देने की...
बहादुरगढ़ (प्रवीण कुमार धनखड़) : बहादुरगढ़ की महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी परिसर में सीवरेज टैंक की जहरीली गैस की चपेट में आने से प्लम्बर सुनील की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और 1 करोड़ रुपये मुआवजा व मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग रखी है। परिवार का कहना है कि जब तक यूनिवर्सिटी और हॉस्पिटल प्रबंधन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले यूनिवर्सिटी परिसर में सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में पांच कर्मचारी आ गए थे। इनमें हॉस्पिटल में प्लम्बर के पद पर कार्यरत सुनील की हालत गंभीर हो गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार और स्थानीय लोगों में भारी रोष है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सुनील को छुट्टी के दिन भी जबरदस्ती सीवर टैंक की सफाई के लिए उतारा गया। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए और हादसे के बाद भी हॉस्पिटल प्रबंधन ने परिवार का सहयोग नहीं किया।
मामले में महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के पदाधिकारियों समेत 8 लोगों के खिलाफ सदर थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं हॉस्पिटल प्रबंधन फिलहाल पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है। दूसरी ओर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।