पशुओं के हरियाणा सरकार उठाने जा रही ये बड़ा कदम, मिलेंगी बड़ी सुविधाएं...मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताई डिटेल

Edited By Isha, Updated: 20 Feb, 2026 11:41 AM

modern machines will be purchased for veterinary polyclinics and hospitals

हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी ताकि पशुपालकों के पशुधन का सस्ते में

डेस्क:   हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी ताकि पशुपालकों के पशुधन का सस्ते में ईलाज हो सके। उन्होंने बताया कि आज हाई पावर्ड परचेज कमेटी में गैस एनेस्थीसिया मशीन , अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण तथा “बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2” स्थापित करने को मंजूरी दी गई है।

राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी के सदस्य हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी उपस्थित थे। इनके अलावा , पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया , महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह , संयुक्त निदेशक डॉ सुखदेव राठी , आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशकपंकज , वित्त विभाग के विशेष सचिव डॉ जय इंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राणा ने बताया कि हाई पावर्ड परचेज कमेटी में प्रदेश में पशुओं के लाज के लिए स्थापित पॉलीक्लिनिकों हेतु गैस एनेस्थीसिया मशीन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इससे डॉक्टरों को पशुओं की सर्जरी करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि पशुओं के इलाज (सर्जरी) में गैस एनेस्थीसिया मशीन इंजेक्टेबल की तुलना में अधिक सुरक्षित है, जो सटीक खुराक, तेज़ रिकवरी और बेहतर नियंत्रण प्रदान करती है। यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर काम करती है, जिससे पशुओं के हृदय और अन्य अंगों पर दबाव कम पड़ता है। यह प्रणाली दर्द प्रबंधन और छोटे-बड़े जानवरों के लिए अत्यंत विश्वसनीय है।

उन्होंने आगे बताया कि हिसार , रायपुररानी तथा सोनीपत में “बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2” स्थापित की जाएंगी। पशुओं में मध्यम जोखिम वाली बीमारियों की जांच के लिए उक्त लैब का उपयोग किया जाता है। यह लैब मानव/पशु स्वास्थ्य के लिए मध्यम-जोखिम वाले संक्रामक एजेंटों के परीक्षण के लिए होती है, इसमें विशेष पीपीई , बायोसेफ्टी कैबिनेट (BSC), और कीटाणुशोधन (Autoclave) की सुविधा होती है, जो श्वसन या त्वचा के संपर्क से संक्रमण रोकती है। उन्होंने बताया कि “बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2” में पशुओं से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की जांच की जाती है ताकि इंसान बीमार पशुओं के सम्पर्क में आकर संक्रमित न हों और वे सुरक्षित रह सकें।

राणा ने यह भी बताया कि पशुओं के ईलाज के लिए अल्ट्रासाउंड मशीने भी खरीदी जाएंगी। पशु चिकित्सा में प्रयुक्त होने वाली ये अल्ट्रासाउंड मशीन जानवरों के आंतरिक अंगों, ऊतकों और गर्भावस्था का गैर-आक्रामक (non-invasive) और विकिरण-मुक्त निदान करने के लिए एक अच्छी तकनीक है। यह तकनीक पालतू जानवरों (कुत्ते, बिल्ली) से लेकर पशुधन (गाय, भैंस, भेड़) में ट्यूमर, पेट की बीमारियों और प्रजनन संबंधी समस्याओं का सही पता लगाने में सहायक है।

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार डॉक्टर को बीमार पशु के खून की जांच करवाने की जरुरत पड़ती है। अभी तक यह टेस्ट सुविधा लुवास यूनिवर्सिटी हिसार में ही उपलब्ध थी। आज की मीटिंग में पशुओं के खून टेस्ट के लिए उपकरण खरीदने की भी स्वीकृति दे दी गई है। अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले बीमार पशुओं के ब्लड टेस्ट फ्री में किये जाएंगे और पशुओं का जल्द ईलाज करने में आसानी होगी।

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसी भी पशुपालक या किसान का आर्थिक आधार पशु होते हैं जिनसे वे अपना परिवार चलाने के अलावा अतिरिक्त आमदनी कमाने का जरिया भी मानते हैं। राज्य सरकार अपने प्रदेश के पशु पालकों को समृद्ध बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।

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