Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 05 Aug, 2026 09:00 PM

गुरुग्राम में अवैध और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने अगस्त माह के दौरान शहरभर में 100 से अधिक अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण और...
गुड़गांव,(ब्यूरो): गुरुग्राम में अवैध और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने अगस्त माह के दौरान शहरभर में 100 से अधिक अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। अभियान के लिए सभी जोनों में विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएंगी, जो प्रतिदिन कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट निगम मुख्यालय को भेजेंगी।
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नगर निगम के अनुसार, शहर के सभी जोनों में अवैध निर्माणों की पहचान कर सूची तैयार की जा चुकी है। अभियान के तहत बिना किसी भेदभाव के ऐसे निर्माणों को हटाया जाएगा, जो नियमों के विपरीत बनाए गए हैं। प्रत्येक जोन के संयुक्त आयुक्त कार्रवाई की निगरानी करेंगे और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे, जिससे पूरे अभियान की उच्च स्तर पर समीक्षा की जा सके। नगर निगम ने भवन मालिकों और निर्माणकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे प्रशासनिक कार्रवाई से पहले स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो निगम नियमानुसार ध्वस्तीकरण करेगा और कार्रवाई में आने वाला खर्च भी संबंधित निर्माणकर्ता से वसूला जा सकता है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि गुरुग्राम का सुनियोजित, सुरक्षित और व्यवस्थित विकास निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण शहर की मास्टर प्लान व्यवस्था, यातायात, जल निकासी, पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इन्हीं कारणों से नगर निगम ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अगस्त माह में व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। नगर निगम का मानना है कि इस विशेष अभियान से न केवल अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, बल्कि शहर के नियोजित विकास को भी नई मजबूती मिलेगी।