Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 30 Jul, 2026 05:42 PM

नगर निगम गुरुग्राम ने संपत्ति कर बकायेदारों के विरुद्ध कार्रवाई तेज करते हुए 8 बड़े डिफॉल्टरों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 87-बी, 129 एवं 130 के तहत प्रथम नोटिस जारी किए हैं।
गुड़गांव, (ब्यूरो): नगर निगम गुरुग्राम ने संपत्ति कर बकायेदारों के विरुद्ध कार्रवाई तेज करते हुए 8 बड़े डिफॉल्टरों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 87-बी, 129 एवं 130 के तहत प्रथम नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक बकाया संपत्ति कर जमा नहीं कराया गया, तो संबंधित संपत्तियों को अटैच, सील तथा सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से बकाया राशि की वसूली की जाएगी।
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नगर निगम के जोन 8 क्षेत्र के जोनल टैक्सेशन ऑफिसर पंकज कुमार, कृष्ण, दीपक व कमल की टीम द्वारा जारी इन नोटिसों में संबंधित संपत्ति मालिकों को 31 अगस्त 2026 तक संपूर्ण बकाया राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि संपत्ति से संबंधित कोई न्यायालयीन मामला अथवा स्थगन आदेश (स्टे) लंबित है, तो उसकी जानकारी तत्काल नगर निगम को उपलब्ध कराई जाए।
जारी नोटिसों में विभिन्न व्यावसायिक एवं निजी संपत्तियों के स्वामियों को करोड़ों रुपये के बकाया संपत्ति कर के भुगतान के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद बकाया कर की वसूली के लिए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा संपत्ति कर वसूली अभियान लगातार चलाया जा रहा है। निगम का उद्देश्य कर संग्रहण को बढ़ाकर शहर में सड़क, सीवरेज, जल निकासी, स्वच्छता तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करना है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम नागरिकों से समय पर संपत्ति कर जमा करने की अपील करता है। संपत्ति कर से प्राप्त राजस्व का उपयोग शहर के विकास एवं बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाता है। बकाया संपत्ति कर का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर कर दें, अन्यथा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संपत्ति अटैच, सील एवं नीलाम करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।