Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 29 Jul, 2026 08:17 PM

मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने में लापरवाही पर नगर निगम गुरुग्राम ने सख्त रुख अपनाते हुए दोहरी कार्रवाई की है। एक ओर सेक्टर-14 एवं सेक्टर-17सी में समय पर पंपसेट तैनात नहीं करने पर कनिष्ठ अभियंता सुमित चहल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर...
गुड़गांव, (ब्यूरो): मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने में लापरवाही पर नगर निगम गुरुग्राम ने सख्त रुख अपनाते हुए दोहरी कार्रवाई की है। एक ओर सेक्टर-14 एवं सेक्टर-17सी में समय पर पंपसेट तैनात नहीं करने पर कनिष्ठ अभियंता सुमित चहल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर पंपिंग मशीनरी उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित एजेंसी द हजारी लाल को-ऑपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन सोसायटी लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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नगर निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार 28 जुलाई को हुई भारी वर्षा के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। वर्षा से पूर्व सभी संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में पंपसेट तैनात रखने तथा त्वरित जलनिकासी सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सेक्टर-14 एवं सेक्टर-17सी में समय पर पंपसेट तैनात नहीं किए गए, जिससे जलभराव लंबे समय तक बना रहा और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत कनिष्ठ अभियंता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसी क्रम में वार्ड-25 में मानसून सीजन के लिए अनुबंधित पंपिंग मशीनरी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि बार-बार मौखिक एवं टेलीफोनिक निर्देश दिए जाने के बावजूद जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर आवश्यक पंपिंग मशीनरी तैनात नहीं की गई। 28 जुलाई की वर्षा के दौरान भी मशीनरी समय पर उपलब्ध न होने के कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी रही और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम ने एजेंसी को दो दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एजेंसी के विरुद्ध कार्य आदेश समाप्त करने, सुरक्षा राशि जब्त करने, ब्लैकलिस्ट करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि मानसून प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे अधिकारी हो या एजेंसी, यदि कोई अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।