लोक अदालत- नॉन स्टॉप काम, फिर निपटे 50 प्रतिशत चालान, लगाए गए थे 70 हजार केस

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 13 Sep, 2025 06:19 PM

lok adalat held in gurgaon court

जिला अदालत में लगाई गई लोक अदालत में आज नॉन स्टॉप काम चलता रहा। कई बैंच पर मजिस्ट्रेट बिना लंच किए ही नॉन स्टॉप कार्य करते रहे बावजूद इसके भी करीब 50 प्रतिशत केस ही निपट पाए। आज की लोक अदालत में 70 हजार केस लगाए गए थे। इसमें करीब 80 प्रतिशत केस...

गुड़गांव,(ब्यूरो): जिला अदालत में लगाई गई लोक अदालत में आज नॉन स्टॉप काम चलता रहा। कई बैंच पर मजिस्ट्रेट बिना लंच किए ही नॉन स्टॉप कार्य करते रहे बावजूद इसके भी करीब 50 प्रतिशत केस ही निपट पाए। आज की लोक अदालत में 70 हजार केस लगाए गए थे। इसमें करीब 80 प्रतिशत केस ट्रैफिक चालान के थे। कुल केसों में से करीब 50 प्रतिशत केसों का निपटारा शाम तक हो गया। वहीं, कई वाहन चालको को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों संजय शर्मा, अंकित का कहना है कि वह सुबह से अपने वाहन के चालान भरने के लिए लोक अदालत में आए हैं, लेकिन दोपहर तक उनका नंबर नहीं आया। वह बस लाइन में ही लगे हुए हैं।

 

 

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वहीं, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम राकेश कादियान की मानें तो केवल उन्हीं लोगों को यहां परेशानी हुई है जो सीधे ही चालान भुगतने के लिए कोर्ट रूम में चले गए। लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क लगे हुए हैं। पहले से ही लोगों को बताया गया कि वह चालान भुगतने के लिए पहले हेल्प डेस्क पर आएं और अपने चालान का स्टेटस चैक कराने के साथ ही चालान से संबंधित फाइल को कोर्ट में भिजवाएं ताकि चालान का समय पर भुगतान हो सके। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में 70 हजार से ज्यादा केस लगाए गए थे जिनमें से ज्यादातर का निपटान हो जाएगा।

 

 

वहीं, केसों के भुगतान में मदद करने वाले अधिवक्ताओं मयंक, आयुष खट्टर, हरविंद्र की मानें तो यहां लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क लगाए गए हैं, लेकिन लोग इन हेल्प डेस्क पर जाने की बजाय सीधे ही चालान का भुगतान करने के लिए कोर्ट रूम में आ रहे हैं जिसके कारण अव्यवस्था भी हो रही है। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को कई बार पहले भी बताया गया है कि वह लोक अदालत की तारीख से पहले कोर्ट में आएं और एक दिन पहले तक अपने केस की फाइल को कोर्ट में भिजवाएं ताकि उन्हें केस के निपटान करने में परेशानी न हो।

 

आपको बता दें कि प्रत्येक तीन महीने में जिला अदालत में राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देश पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इसमें उन केसों को लगाया जाता है जिनमें दोनों पक्षों की सहमति से केस का निपटान हो सकता हो सकता है। 

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