Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 12 Mar, 2026 06:42 PM

एडिशनल सेशन जज पुनीत सहगल की अदालत ने इको ड्राइवर की हत्या कर डकैती डालने के मामले में सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। आरोपियों को अदालत ने आज उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): एडिशनल सेशन जज पुनीत सहगल की अदालत ने इको ड्राइवर की हत्या कर डकैती डालने के मामले में सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। आरोपियों को अदालत ने आज उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया है।
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जानकारी के मुताबिक, 24 मार्च 2022 को पटौदी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव पालासौली रोड गांव मऊ लोकरा पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की तो पाया कि मृतक के सिर में गोली लगी हुई है। क्राइम सीन व डॉग स्कवायड को मौके पर बुलाकर जांच की गई तो मृतक की पहचान राकेश गुर्जर निवासी गांव श्यामपुर जिला अलवर राजस्थान के रूप में हुई। मृतक के भाई ने पुलिस टीम को शिकायत के माध्यम से बताया कि इसका भाई एक इको गाड़ी बुकिंग में चलता था। 23 मार्च 2022 की रात को वह बुकिंग लेकर पटौदी की तरफ आया था जिसकी किसी ने गोली मार कर हत्या कर दी तथा उसकी इको गाड़ी भी ले गए। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच करते हुए डकैती व हत्या करने वाले 2 आरोपियों को 12 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान हितेश उर्फ हनी निवासी गांव मालपुरा जिला रेवाड़ी व पंकज निवासी गांव मालपुरा जिला रेवाड़ी के रुप में हुई थी।
मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए उनसे आरोपियों पर लगे आरोप साबित हो गए जिसके बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए हितेश उर्फ हन्नी को आईपीसी की धारा 120B के तहत उम्र कैद व 25 हजार रुपए जुर्माना, धारा 302 आईपीसी के तहत उम्रकैद व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा,धारा 394 आईपीसी के तहत 10 वर्ष कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना, धारा 397 आईपीसी तहत 10 वर्ष कैद व 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, पंकज को आईपीसी की धारा 120B के तहत उम्र कैद व 25 हजार रुपए जुर्माना, धारा 302 आईपीसी के तहत उम्रकैद व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा,धारा 394 आईपीसी के तहत 10 वर्ष कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना, धारा 397 आईपीसी तहत 10 वर्ष कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1B) के तहत 7 वर्ष की कैद व 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।