Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 23 Apr, 2026 09:18 PM

सेक्टर-52 पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले एक फीडर पर काम करते समय सुपरवाइजर की कथित जल्दबाजी और गलत निर्देशों के कारण एक कर्मचारी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। पुलिस ने घायल कर्मचारी की शिकायत पर सुपरवाइजर के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू...
गुड़गांव, (ब्यूरो): सेक्टर-52 पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले एक फीडर पर काम करते समय सुपरवाइजर की कथित जल्दबाजी और गलत निर्देशों के कारण एक कर्मचारी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। पुलिस ने घायल कर्मचारी की शिकायत पर सुपरवाइजर के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से रेवाड़ी के दखोरा निवासी तेजपाल ने पुलिस को बताया कि वह इम्पीरियल कंपनी में कार्यरत है,जो दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए काम करती है। 19 अप्रैल की शाम करीब पांच बजे जब वह ड्यूटी पर था, तो नाई की ढाणी फीडर में खराबी आ गई। पीड़ित का आरोप है कि सुपरवाइजर गोविंद ने घर बैठे ही फोन कर उसे सर्किट काटने का निर्देश दिया। काम जल्दी खत्म करने के लिए सुपरवाइजर ने 10 मिनट में 8 बार फोन कर दबाव बनाया और कहा कि लाइन बंद है।
पीड़ित तेजपाल के अनुसार जैसे ही उसने सर्किट काटा, लाइन में जोरदार धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में उसके हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घायल अवस्था में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर सेक्टर-9ए स्थित ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित का कहना है कि सुपरवाइजर की इस लापरवाही से उसकी जान भी जा सकती थी और इस कंपनी में पहले भी तीन ऐसे हादसे हो चुके हैं।
सेक्टर-53 थाना पुलिस ने पीड़ित तेजपाल के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुपरवाइजर गोविंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और लाइन बंद किए बिना सर्किट काटने का निर्देश क्यों दिया गया।