Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 13 Jun, 2026 07:22 PM

महिला हैड कांस्टेबल द्वारा 50 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में अब गुड़गांव पुलिस आयुक्त शिबास कबिराज ने भी कड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर ने मामले में महिला थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाही मानी है जिसके बाद थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करते हुए...
गुड़गांव, (ब्यूरो): महिला हैड कांस्टेबल द्वारा 50 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में अब गुड़गांव पुलिस आयुक्त शिबास कबिराज ने भी कड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर ने मामले में महिला थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाही मानी है जिसके बाद थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है।
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पुलिस के मुताबिक, 12 जून को एंटी करप्शन ब्यूरो ने महिला थाना मानेसर में तैनात हैड कांस्टेबल कविता को एक व्यक्ति से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू किया था। शिकायतकर्ता के खिलाफ उसकी पत्नी ने महिला थाना मानेसर में केस दर्ज कराया था जिसमें उसके परिवार के सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया था। मामले की जांच के दौरान हैड कांस्टेबल कविता ने शिकायतकर्ता से मामले की जांच के दौरान परिवार के सदस्यों के नाम हटाने के नाम पर 50 हजार रुपए लिए थे। इस पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने हैड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वहीं, मामले में पुलिस कमिश्नर ने माना है कि हैड कांस्टेबल द्वारा रिश्वत लेना कहीं न कहीं थाना प्रभारी की लापरवाही एवं सुपरविजन में कमी को दर्शाता है जिसके कारण महिला थाना मानेसर प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि भ्रष्टाचार अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी/अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।