Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 25 Apr, 2026 07:56 PM

15 करोड़ 24 लाख रुपये की ठगी के मामले में सुनवाई करते हुए जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश डॉ गगन गीत कौर की अदालत ने आरोपी सुमित निवासी झज्जर को जमानत दे दी। अदालत ने सह-आरोपियों के साथ समानता के आधार पर सुमित की जमानत अर्जी स्वीकार की है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): 15 करोड़ 24 लाख रुपये की ठगी के मामले में सुनवाई करते हुए जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश डॉ गगन गीत कौर की अदालत ने आरोपी सुमित निवासी झज्जर को जमानत दे दी। अदालत ने सह-आरोपियों के साथ समानता के आधार पर सुमित की जमानत अर्जी स्वीकार की है।
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जानकारी के अनुसार अमित कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत पर साइबर क्राइम ईस्ट थाना, गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार दिसंबर 2024 में उसे कवि चौपड़ा नामक व्यक्ति ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल किया था। मुख्य आरोपी ने खुद को लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स का स्नातक बताकर भारी मुनाफे का लालच दिया। पीड़ितों को स्कोलर्स ग्रुप के नाम पर एक क्लोन ऐप डाउनलोड करवाया गया, जहां फर्जी डैशबोर्ड पर करोड़ों का मुनाफा दिखाया जाता था।
शिकायतकर्ता ने विभिन्न 27 बैंक खातों में कुल 15.24 करोड़ ट्रांसफर किए गए। जब उसने पैसे निकालने चाहे, तो उससे टैक्स के नाम पर तीन करोड़ की अतिरिक्त मांग की गई। पुलिस के अनुसार सुमित का नाम सह-आरोपी राहुल के बयान के आधार पर सामने आया था। सुमित पर आरोप था कि वह बैंक खातों की किट, एटीएम और सिम कार्ड इकट्ठा करने के दौरान सह-आरोपी दीपक के साथ मौजूद था।
सुमित के वकील ने तर्क दिया कि वह 30 अगस्त 2025 से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। यह भी दलील दी गई कि सुमित के नाम पर कोई बैंक खाता नहीं था और न ही वह इस धोखाधड़ी का लाभार्थी था। सरकारी वकील ने सुमित की जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि वह मुजफ्फरनगर (यू.पी.) में दर्ज एक अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामले में भी शामिल है। हालांकि, अदालत ने पाया कि मुख्य सह-आरोपी दीपक कुमार और अन्य आरोपियों को माननीय उच्च न्यायालय और अन्य अदालतों से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसी आधार पर, अदालत ने सुमित को इलाका मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के अनुसार जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।