पूर्व कृषि मंत्री के बेटे का आज अंतिम संस्कार, पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की थी तैयारी...पर ले ली खुद की जान

Edited By Isha, Updated: 12 Sep, 2026 01:18 PM

former agriculture minister s son to be cremated today

पूर्व कृषि मंत्री एवं पिहोवा से चार बार विधायक रहे स्व. जसविंदर सिंह संधू के बेटे गगनजोत संधू (48) ने शुक्रवार को पंजाब के रोपड़ जिले में आत्महत्या कर ली। उन्होंने पखराली गांव स्थित अपने फार्म हाउस

कुरुक्षेत्र: पूर्व कृषि मंत्री एवं पिहोवा से चार बार विधायक रहे स्व. जसविंदर सिंह संधू के बेटे गगनजोत संधू (48) ने शुक्रवार को पंजाब के रोपड़ जिले में आत्महत्या कर ली। उन्होंने पखराली गांव स्थित अपने फार्म हाउस में राइफल से गोली मारकर जान दे दी। पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार देर रात उनका शव पैतृक गांव गुमथला गढ़ू लाया गया। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गगनजोत की मौत के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रोपड़ सदर थाना पुलिस की शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, परिवार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की थी तैयारी
गगनजोत संधू को कभी अपने पिता जसविंदर सिंह संधू की राजनीतिक विरासत का वारिस माना जाता था। पिता की इच्छा थी कि गगनजोत राजनीति में आगे आएं और परिवार की सियासी जमीन संभालें। उन्होंने इनेलो से राजनीतिक सफर शुरू किया था। वर्ष 2019 में पिता के निधन के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी की थी, लेकिन बाद में दीपेंद्र हुड्डा के समझाने पर नामांकन वापस ले लिया।

2024 में भी चर्चा में आया था नाम
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान गगनजोत और उनके बड़े भाई जसतेज सिंह संधू के एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़ने की चर्चाएं सामने आई थीं। दोनों के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना से परिवार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई थी, लेकिन बाद में दोनों ने चुनाव नहीं लड़ा।

दो बार रहे गांव के सरपंच, बनाई डिजिटल पंचायत
राजनीतिक गतिविधियों के अलावा गगनजोत की पहचान गांव में किए गए विकास कार्यों को लेकर भी रही। वह गुमथला गढ़ू गांव के दो बार सरपंच रहे। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने गांव को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की पहल की। वर्ष 2016 में गांव में वाई-फाई हॉटस्पॉट सुविधा शुरू कराई गई थी। इसके साथ ही डिजिटल पंचायत की पहल की गई, जिसके चलते गुमथला गढ़ू को हरियाणा की पहली हाईटेक पंचायत के रूप में पहचान मिली।

खाना लेने भेजा था दोस्त, वापस आया तो फार्म हाउस में पड़ा था शव
जानकारी के अनुसार, गगनजोत शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पखराली गांव स्थित फार्म हाउस पहुंचे थे। उनके साथ उनका दोस्त जानू भी था। गगनजोत ने दोस्त को खाना लेने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद जब जानू खाना लेकर वापस लौटा तो गगनजोत फार्म हाउस में मृत अवस्था में मिले। उनके सिर में गोली लगी हुई थी और पास में राइफल पड़ी थी।

पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए
गगनजोत अपने पीछे पत्नी सिमरनजीत कौर और दो बेटों को छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा आफताब चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा जोरावर स्पेन में पढ़ रहा है। पिता के निधन के बाद गगनजोत पुश्तैनी घर से अलग होकर उसके पास ही अपना घर और फार्म हाउस बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे।

रोपड़ सदर थाना प्रभारी सन्नी खन्ना के अनुसार, शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस बात को लेकर था और आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!