हरियाणा के इस जिले में लगेगा पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, पराली प्रबंधन के तहत स्थापित की जाएंगी बायोमास बिजली परियोजनाएं

Edited By Manisha rana, Updated: 29 Mar, 2026 09:47 AM

first green hydrogen plant to be set up in panipat

हरियाणा में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार अब जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी लाने की तैयारी में है। वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष 250 किलो टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन और दो गीगावाट (दो अरब मेगावाट) इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण की क्षमता हासिल...

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार अब जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी लाने की तैयारी में है। वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष 250 किलो टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन और दो गीगावाट (दो अरब मेगावाट) इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण की क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कड़ी में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट पानीपत में स्थापित किया जाएगा।

ऊर्जा विभाग की ओर से ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी को लेकर ड्राफ्ट पर काम तेजी से चल रहा है। वहीं, पराली (धान के फसल अवशेष) निस्तारण की मुहिम के तहत 13 जिलों अंबाला, फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर में 9.9 से 25 मेगावाट तक की क्षमता की कुल 200 मेगावाट की बायोमास बिजली परियोजनाएं स्थापित करने की योजना है। किसानों के मौजूदा बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शनों पर खेतों में सौर पैनल लगाने की इजाजत दी जाएगी। इससे उत्पन्न अतिरिक्त ऊर्जा को बिजली वितरण निगम खरीदेंगे, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

हरियाणा को ऊर्जा आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर क्षेत्रीय अनुसंधान एवं परीक्षण केंद्र स्थापित करने जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अभी तक करीब 55 हजार रूफटाप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। नए वित्तीय वर्ष में करीब सवा दो लाख घरों की छतों पर रूफटाप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत 200 करोड़ रुपये के रिवाल्विंग फंड निर्धारित किया गया है, जिसकी सहायता से गैर डिफाल्टर उपभोक्ताओं, अंत्योदय परिवारों और सरकारी कर्मचारियों को ब्याज मुक्त गैप फंडिंग प्रदान की जाएगी। पीएम कुसुम योजना के तहत 1116 सौर ऊर्जा पंप लगाए गए हैं, जिससे हरियाणा देशभर में दसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस योजना में किसानों की रुचि को देखते हुए इस साल 35 हजार नए सौर ऊर्जा पंप लगाए जाएंगे। 

ढाणियों में सब्सिडी पर मिलेंगे सोलर पावर प्लांट

गांव की आबादी से तीन से पांच किलोमीटर तक की दूरी पर बसी ढाणियों में रह रहे परिवारों को एक से तीन किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट (बैटरी सहित) सब्सिडी पर दिए जाएंगे। प्रदेश में लगभग 76 लाख गैर कृषि उपभोक्ता हैं। अब तक करीब नौ लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। 67 लाख उपभोक्ताओं के लिए भी स्मार्ट मीटर की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

क्या है ग्रीन हाइड्रोजन

ग्रीन हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा यथा सौर ऊर्जा या पवन ऊर्जा का उपयोग करके इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा पानी से उत्पादित एक स्वच्छ ईंधन है। इसमें कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होता है जो इसे पारंपरिक 'ग्रे' या 'ब्लू' हाइड्रोजन के विपरीत एक पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनाता है। यह भारी उद्योगों और परिवहन को कार्बन मुक्त करने में महत्वपूर्ण है।

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