Edited By Manisha rana, Updated: 28 Mar, 2026 12:03 PM

सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों के मामले में सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पंजाब एवं हरियाणा को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
चंडीगढ़ : सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों के मामले में सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पंजाब एवं हरियाणा को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से लगभग साढ़े 10 हजार कर्मचारियों को राहत मिली है जिनकी नौकरी पर कोर्ट के आदेश के बाद तलवार लटक गई थी।
हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश में ग्रुप सी व डी के करीब 53 हजार पदों के लिए आयोजित परीक्षा के परिणाम को रद्द करने व सामाजिक-आर्थिक आधार पर मिलने वाले 5 अंकों का लाभ दिए बिना सी.ई.टी. के आधार पर नए सिरे से मैरिट सूची तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ सरकार ने पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। इससे पहले सामाजिक व आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर जारी विस्तृत आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि यह एक प्रकार से आरक्षण देने जैसा है। जब आर्थिक पिछड़ा वर्ग के तहत राज्य सरकार ने आरक्षण का लाभदिया है तो क्यों यह आर्टिफिशियल श्रेणी बनाई जा रही है।
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