Kotak Mahindra Bank scam: कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में आरोपियों का खुलासा, नकली स्टाम्प का हुआ प्रयोग

Edited By Manisha rana, Updated: 28 Mar, 2026 09:25 AM

kotak mahindra bank scam accused exposed

कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में ए.सी.बी. ने रिलेशनशिप मैनेजर के बाद अब एक अन्य आरोपी रजत दहरा को गिरफ्तार कर 6 दिनों का रिमांड हासिल किया है।

चंडीगढ़ : कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में ए.सी.बी. ने रिलेशनशिप मैनेजर के बाद अब एक अन्य आरोपी रजत दहरा को गिरफ्तार कर 6 दिनों का रिमांड हासिल किया है। बताया गया कि रजत के बैंक अकाऊंट में निगम के पैसे से की गई हेराफेरी का 70 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुआ था। जिसको रजत ने आगे कई बिल्डर्स और प्राइवेट लोगों को ट्रांसफर किया।

यह खुलासा जांच एजेंसी ने कोर्ट में आरोपी रजत का रिमांड हासिल करने दौरान किया। बता दें कि इस घोटाले में यह दूसरी गिरफ्तारी है जबकि इससे पहले रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार को गिरफ्तार किया गया था जो फिलहाल रिमांड पर है। बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव ने रिमांड दौरान अहम खुलासे किए हैं। इस केस में यू.पी. कनैक्शन भी सामने आया है। ए.सी.बी. के सूत्रों का कहना है कि इस केस में नकली स्टाम्प भी यूज हुए हैं, हालांकि उनकी बरामदगी अभी तक नहीं हो पाई है। इसको बरामद करने के लिए एस.वी. एंड ए.सी.बी. राघव को उत्तर प्रदेश के कासगंज लेकर जाएगी, जहां उसकी निशानदेही पर स्टाम्प बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।

जांच में सहयोग नहीं कर रहा राघव
मामले की जांच कर रही एजेंसी ने पंचकूला कोर्ट को बताया कि राघव जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। एजेंसी ने कहा कि उससे प्रत्येक लेन-देन के साथ-साथ पंचकूला नगर निगम और बैंक में सह-आरोपी अधिकारियों की भूमिका बारे भी पूछताछ की जानी है। जांचकर्ताओं ने कहा कि राघव से उन पत्रों, वाऊचरों और चैकों के संबंध में भी पूछताछ की जाएगी जिन पर कथित तौर पर फर्जी मुहरें लगी हुई हैं और जो कथित तौर पर पंचकूला नगर निगम के सह-आरोपी वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाए गए थे।

जांच एजैंसी ने बैंक खातों की डिटेल निकाली
एजेंसी ने कोटक महिंद्रा बैंक में मौजूद एम.सी. पंचकूला के 4 खातों के लेनदेन का विवरण एकत्र किया। इनमें खाता संख्या 2015073031 (28 मई, 2020 से 25 मार्च), 2046279112 (8 जून, 2022 से 25 मार्च), 2013457703 (27 अक्तूबर, 2018 से 25 मार्च) और 2046903758 (26 अगस्त, 2022 से 25 मार्च) शामिल हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो के अफसरों की मानें तो जांचकर्ताओं ने 2 व्यक्तियों की पहचान की है जिन्होंने कथित तौर पर 150 करोड़ रुपए की बड़ी रकम प्राप्त की थी। इनमें से एक रजत को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने खुलासा किया कि उसे 60 करोड़ रुपए से अधिक मिले थे। दूसरा संदिग्ध अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है। गुरुवार को पंचकूला नगर निगम के वरिष्ठ लेखा अधिकारी से भी एजेंसी ने पूछताछ की।

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