बड़ा खुलासा: करनाल में फर्जी गनर और लग्जरी गाड़ी के साथ ठग गिरफ्तार, ओडिशा से हरियाणा तक फैला था जाल

Edited By Isha, Updated: 28 Mar, 2026 01:38 PM

conman arrested in karnal with fake bodyguard and luxury car

करनाल की निसिंग थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी खुद को केंद्र सरकार के बड़े अधिकारी बताकर और फर्जी गनमैन साथ रखकर लोगों पर रौब झाड़ते थे

करनाल: करनाल की निसिंग थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी खुद को केंद्र सरकार के बड़े अधिकारी बताकर और फर्जी गनमैन साथ रखकर लोगों पर रौब झाड़ते थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी रिंकू सैनी, उसके फर्जी गनमैन और ड्राइवर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।


मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्य आरोपी रिंकू सैनी के साथ एक गनमैन था, जिसने हरियाणा पुलिस की कमांडो वर्दी पहनी हुई थी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों और पुलिस कर्मियों को गनमैन के हाव-भाव और वर्दी पर संदेह हुआ। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं और पता चला कि उस शख्स का हरियाणा पुलिस से कोई संबंध नहीं है। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रिंकू सैनी ने खुद को केंद्र सरकार के 'सामाजिक नागरिकता विभाग' का अध्यक्ष बताया। हालांकि, जब पुलिस ने उससे पद से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज या पहचान पत्र मांगे, तो वह कुछ भी पेश नहीं कर सका। 

रिंकू सैनी फर्जी गनमैन और लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए करता था ताकि लोगों पर प्रभाव जमा सके और अवैध काम करवा सके। पुलिस ने गनमैन के पास से हथियार और उनकी गाड़ी भी बरामद कर ली है। रिंकू के खिलाफ हरियाणा के विभिन्न जिलों में सरकारी नौकरी लगवाने और ट्रांसफर करवाने के नाम पर ठगी के कई मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपी ने ओडिशा में भी खुद को विभाग का अध्यक्ष बताकर सरकारी सुरक्षा (Security) की मांग की थी, जिसके बाद वहां की पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। रिंकू पहले भी ठगी के मामलों में जेल की हवा खा चुका है, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर से नया गिरोह सक्रिय कर लिया।

 
निसिंग पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रिंकू, उसके फर्जी कमांडो (गनमैन) और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए इन्होंने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!