Edited By Isha, Updated: 09 May, 2026 12:48 PM

जिले की 2 ग्राम पंचायतों अमुपुर और सांभली के सरपंचों को सस्पैंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला उपायुक्त द्वारा अमल में लाई गई। जानकारी अनुसार इन सरपंचों द्वारा सरकारी व गैर-काश्त योग्य जमीन प
करनाल/तरावड़ी: जिले की 2 ग्राम पंचायतों अमुपुर और सांभली के सरपंचों को सस्पैंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला उपायुक्त द्वारा अमल में लाई गई। जानकारी अनुसार इन सरपंचों द्वारा सरकारी व गैर-काश्त योग्य जमीन पर कागजों में फसल उगाकर उसे पोर्टल पर दर्ज किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि श्मशानघाट, स्कूल व गौचरान जैसी भूमि पर फसल पैदावार दिखाई गई जबकि हकीकत में यहां पर फसल नहीं हुई। यह सब फर्जी तरीके से पंजीकरण कर आर्थिक लाभ लिया गया। मामले की जांच के बाद जिला उपायुक्त ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों पंचायतों के सरपंचों को निलंबित कर दिया।
सांभली निवासी पंच बलराज शर्मा ने जिला उपायुक्त को दी शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव अमुपुर में कुल 94 एकड़ जमीन थी। इसमें से 6 एकड़ 5 कनाल 18 मरले जमीन गैर-काश्त या गैर-मुमकिन थी, जिस पर खेती संभव नहीं थी जबकि 87 एकड़ 5 कनाल 42 मरले जमीन काश्त योग्य थी लेकिन इस पूरी जमीन को ईश्वर चंद के नाम पोर्टल कर दिया गया जबकि असल पट्टेदार कोई और था।
इसी प्रकार गांव सांभली में कुल 48 एकड़ 7 कनाल 19 मरले जमीन थी। इसमें से 30 एकड़ 3 कनाल 1 मरला जमीन गैर-काश्त या गैर-मुमकिन थी और 18 एकड़ 4 कनाल 18 मरले जमीन काश्त योग्य थी। जांच में पाया गया कि इस पूरी जमीन का पोर्टल कर दिया जबकि जमीन पर खेती करने वाले अन्य लोग थे। जिला उपायुक्त ने साफ कहा है कि मामले में पूरी पारदर्शिता से जांच की जाएगी और दोषियों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।