Edited By Isha, Updated: 09 May, 2026 02:43 PM

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार व कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान को और तेज कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त
चंडीगढ़: हरियाणा के सिरसा जिले में बेटी बचाओ अभियान को झटका देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2026 के अप्रैल माह तक के जन्म पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार सिरसा जिले का लिंगानुपात (एसआरबी) घटकर 883 पर पहुंच गया है। फरवरी और मार्च माह के दौरान जिले का लिंगानुपात 900 के स्तर पर बना हुआ था, लेकिन अप्रैल में इसमें 17 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से अप्रैल 2026 तक जिले में कुल 5548 बच्चों का जन्म पंजीकृत हुआ, जिनमें 2947 लड़के और 2601 लड़कियां शामिल हैं। इसी आधार पर जिले का लिंगानुपात 883 दर्ज किया गया। प्रदेश स्तर की सूची में सिरसा का प्रदर्शन चिंताजनक श्रेणी में पहुंच गया है।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार व कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान को और तेज कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि अब विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी व ग्रंथी भी नवविवाहित जोड़ों को कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध संकल्प दिलाएंगे।
अवैध लिंग जांच रोकने के लिए सरकार ने पुलिस, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है। डॉ. मिश्रा ने एमटीपी किट की अवैध बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और बिना अनुमति चल रहे अस्पतालों पर नकेल कसने के निर्देश दिए।
2025-26 के दौरान 1,240 निरीक्षण किए गए और नियमों के उल्लंघन पर 58 नोटिस जारी किए। अकेले वर्ष 2025 में 44 केमिस्ट शॉप सील की गईं और 6,000 से अधिक एमटीपी किट जब्त की गईं। राज्य में लिंगानुपात की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। 2010 में प्रति 1,000 लड़कों पर लड़कियों का जो अनुपात 838 था, वह 2025 में बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत से अब तक लगभग 60,000 बेटियों को बचाया जा चुका है। सरकार अब कम लिंगानुपात वाले जिलों में 'सहेली नेटवर्क' और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से उच्च्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की निगरानी और रिवर्स ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत कर रही है, ताकि अवैध लिंग चयन के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।