Haryana में बढ़ते अपराधों पर सैलजा ने मांगा सख्त कानून और त्वरित न्याय, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

Edited By Krishan Rana, Updated: 09 May, 2026 02:16 PM

selja demanded strict laws and speedy justice in haryana over rising crime rates

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट पर गहरी चिंता

चंडीगढ़ : सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हरियाणा न केवल महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में देशभर में बदनाम हो चुका है, बल्कि अब बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। 

सांसद ने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में हरियाणा में बच्चों के विरुद्ध अपराधों के 7,547 मामले दर्ज हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें अपहरण, यौन शोषण, बाल हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। यह केवल कानून व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी प्रमाण है। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की घटनाएं पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई हैं। दहेज हत्या, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अब बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी हरियाणा का शीर्ष पर पहुंचना राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

कुमारी सैलजा ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सभ्य समाज की पहली जिम्मेदारी होती है। यदि बेटियां और बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं, तो विकास और प्रगति के दावे खोखले साबित होते हैं। सांसद सैलजा ने कहा है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर सबसे अधिक रही। राज्य में 2024 में बच्चों के खिलाफ 7,547 अपराध दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में 17.9 प्रतिशत अधिक थे, जब 6,401 घटनाएं दर्ज की गई थीं।

 2011 की जनगणना के अनुसार बच्चों की जनसंख्या के आधार पर, 2024 में हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर प्रति लाख जनसंख्या पर 82.8 मामले थी जो राज्यों में सबसे अधिक है। मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर प्रति लाख जनसंख्या पर 76.2 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रही। 2024 में, हरियाणा में बच्चों की हत्या के 54 मामले दर्ज किए गए, जिनमें बलात्कार और हत्या के छह मामले शामिल हैं। बच्चों के अपहरण और अगवा करने के 2,725 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 2,805 पीड़ित शामिल थे, जिनमें 530 लापता बच्चे भी शामिल थे। 

सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं, कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए तथा स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएं। कुमारी सैलजा ने कहा कि समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। परिवार, विद्यालय और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण तैयार करना होगा।

उन्होंने कहा कि अपराध रोकने के लिए केवल पुलिस व्यवस्था पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और नैतिक शिक्षा भी आवश्यक है। सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि बाल सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय पैदा हो।  

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