सेना से बीमारी के कारण बाहर हुए जवानों को HC से राहत, 20% से कम दिव्यांग भी पेंशन का हकदार

Edited By Manisha rana, Updated: 09 May, 2026 10:12 AM

high court gives relief to soldiers discharged from the army due to illness

भारतीय सेना का कोई जवान अगर सेवा के दौरान 20 प्रतिशत से कम दिव्यांग हो जाता है तो भी वह दिव्यांगता पैंशन पाने का हकदार है। राज्य के इस तर्क को यह कोर्ट स्वीकार नहीं कर सकता है कि दिव्यांगता पैंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।

चंडीगढ़ : भारतीय सेना का कोई जवान अगर सेवा के दौरान 20 प्रतिशत से कम दिव्यांग हो जाता है तो भी वह दिव्यांगता पैंशन पाने का हकदार है। राज्य के इस तर्क को यह कोर्ट स्वीकार नहीं कर सकता है कि दिव्यांगता पैंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता। 

इस टिप्पणी के साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र की याचिका को खारिज करते हुए आम्र्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (ए.एफ.टी.) के आदेश को बरकरार रखा है। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और दीपक मनचंदा की खंडपीठ भारत सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें चिकित्सा कारणों से सेवामुक्त सशस्त्र बलों के एक सदस्य को दिव्यांगता पैंशन देने से इन्कार किया गया था और ए.एफ.टी. के 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून को नहीं बदल सकतेः केंद्र की चुनौती याचिका पर सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि चूंकि सेवा से मुक्त होने का कारण सेवा अवधि के दौरान बढ़ी दिव्यांगता है, इसलिए याचिकाकर्ता का यह तर्क कि प्रतिवादी को दिव्यांगता पैंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता, स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य इस तथ्य का खंडन करने में सक्षम नहीं है कि दिव्यांगता से पीडित होने के दौरान अधिकारी सेवा में बने नहीं रह सकते थे। याचिका खारिज करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और तीनों सेना प्रमुखों के बीच आंतरिक संचार सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून को नहीं बदल सकता।

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