Edited By Harman, Updated: 05 Jun, 2026 04:35 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र को करोड़ों रुपये की विकासत्र, परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित परीक्षा एवं बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण किया तथा...
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र को करोड़ों रुपये की विकासत्र, परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित परीक्षा एवं बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण किया तथा महिला छात्रावास की आधारशिला रखी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय का कुलगीत भी औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
मुख्यमंत्री ने करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बने परीक्षा एवं बहुउद्देशीय सभागार का उद्घाटन किया। वहीं लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महिला छात्रावास की आधारशिला रखी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर व्यापक तैयारियां की थीं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री आरती राव, सांसद नवीन जिंदल तथा पूर्व मंत्री सुभाष सुधा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सभागार के शुरू होने से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बड़े स्तर के सेमिनार, परीक्षाएं, कार्यशालाएं और अन्य अकादमिक कार्यक्रम अब आधुनिक सुविधाओं के साथ आयोजित किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि महिला छात्रावास के निर्माण से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। इससे छात्राओं के उच्च शिक्षा में नामांकन को भी बढ़ावा मिलेगा और उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन का भी आह्वान किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन परियोजनाओं को संस्थान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूती मिलेगी।