अम्बाला छावनी का “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” बनेगा राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्थल : मुख्यमंत्री सैनी

Edited By Krishan Rana, Updated: 21 May, 2026 08:09 PM

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अम्बाला छावनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे। सीएम सैनी ने कहा कि अम्बाला छावनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को समर्पित “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” देशभक्ति, शौर्य और बलिदान का अद्भुत प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि यह स्मारक न केवल हमारी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को अम्बाला छावनी में निर्माणाधीन “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस स्मारक का कार्य अब अंतिम चरणों में है। इस अवसर पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, इतिहासकार, डिजाइन विशेषज्ञ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने हेतू समर्पित होगा स्मारक - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने स्मारक परिसर का विस्तृत निरीक्षण/अवलोकन करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, ऐतिहासिक प्रस्तुति एवं आधुनिक तकनीक के समावेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्मारक देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगा। उन्होंने कहा कि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है और इस स्मारक के माध्यम से युवा पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा की भूमि वीरों और बलिदानियों की धरती रही है तथा प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक आधुनिक तकनीक, ऐतिहासिक तथ्यों और भव्य वास्तुकला का अद्भुत संगम होगा, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।


स्मारक में शेष कार्यों  को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्मारक में शेष छोटे-मोटे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मारक के प्रत्येक भाग में ऐतिहासिक तथ्यों की प्रमाणिकता और प्रस्तुति की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि यहां आने वाले लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।


शहीद स्मारक होगा देशभक्ति की भावना को जीवंत रखने वाला राष्ट्रीय चेतना केंद्र - मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना को जीवंत रखने वाला राष्ट्रीय चेतना केंद्र होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आजादी के अमृत काल के अंतर्गत स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनेक  प्रयास किए जा रहे हैं और “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

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मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री द्वारा इस परियोजना के लिए किए  प्रयासों की करी सराहना

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और विशेष रुचि के कारण यह स्मारक एक भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मारक भविष्य में राष्ट्रीय गौरव का प्रमुख केंद्र बनेगा और देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करेगा।

1857 की क्रांति पर आधारित यह स्मारक देश का अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक स्मारक- अनिल विज

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री को स्मारक से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रबंधों एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1857 की क्रांति पर आधारित यह स्मारक देश का अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक स्मारक है, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न वीर गाथाओं, युद्धों और बलिदानों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। 
विज ने कहा कि स्मारक में 1857 के संग्राम से जुड़े गुमनाम (अनसंग) वीरों और क्रांतिकारियों के संघर्ष को विशेष रूप से दर्शाया गया है, ताकि देशवासियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सके। यह स्मारक विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र सिद्ध होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को स्मारक भ्रमण हेतु प्राथमिकता दी जाए, ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, देशभक्ति और बलिदान की अमूल्य विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” में बनाई गई विभिन्न गैलरियों व ऑडिटोरियम में अवलोकन किया। ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने 1857 की क्रांति से जुडे एक लघु वृतचित्र को भी देखा और  सराहा।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री ने स्मारक के प्रांगण में रूद्राक्ष का पोधा भी लगाया । 

अवलोकन के दौरान लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं कला विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पाण्डुरंग, भाजपा जिलाध्यक्ष मंदीप राणा, उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, उपमण्डल अधिकारी नागरिक सुश्री कनिका गोयल, शहीद स्मारक के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी, वरिष्ठ इतिहासकार कपिल कुमार व डिजाईन कंपनी के पदाधिकारियों के अलावा नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्ण कौर, उपाध्यक्ष ललता प्रसाद, मण्डल प्रधान रवि बुद्धिराजा, विकास बहगल, हर्ष बिन्द्रा, प्रवेश शर्मा, भाजपा पदाधिकारी बिजेन्द्र चौहान, मदन लाल शर्मा, बलित नागपाल, रामबाबू यादव, जसबीर जस्सी, संजीव सोनी, आरती सहगल, दीपक भसीन, बीएस बिन्द्रा, नेहा शर्मा, मोनिका विग, साधना, प्रवीन जैन के अतिरिक्त सैकडों भाजपा कार्यकर्ता व मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री के प्रशसंक उपस्थित थे। 

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