वायरल ऑडियो के बाद अब खर्च सूची से मचा हड़कंप, 34.70 लाख का हिसाब सामने, एसोसिएशन ने बताया फर्जी

Edited By Manisha rana, Updated: 30 Mar, 2026 10:57 AM

after the viral audio now the expenditure list has created a stir

कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में राइस मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन को लेकर पहले वायरल हुई ऑडियो क्लिप के बाद अब एक कथित खर्च सूची सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में राइस मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन को लेकर पहले वायरल हुई ऑडियो क्लिप के बाद अब एक कथित खर्च सूची सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस सूची में कुल 34 लाख 70 हजार 400 रुपए के खर्च का विवरण दर्ज बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह पर्ची राइस मिल एसोसिएशन पिहोवा से जुड़ी है, हालांकि एसोसिएशन ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है।

वायरल पर्ची में अलग-अलग मदों में खर्च का विवरण लिखा हुआ है। इसमें 1,12,300 रुपए पिछली ट्रेड, 20 हजार रुपए फैक्ट्री एक्ट इंस्पेक्टर, 17,67,700 रुपए मार्केट कमेटी, 80 हजार रुपए SGM और 4,35,600 रुपए फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) के नाम पर खर्च दर्ज बताया गया है। इसके अलावा 25 हजार रुपए कश्मीरी पंडित, 68,200 रुपए दिवाली खर्च, तथा 15 हजार और 10 हजार रुपए लेबर इंस्पेक्टर के नाम पर भी राशि लिखी हुई बताई जा रही है।

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सूची में कुछ अन्य मदों का भी जिक्र है, जिनमें 70 हजार रुपए किसी मैडम का खर्च, 3,57,002 रुपए प्लेटिनम होटल खर्च, 5100 रुपए पिहोवा के एक बड़े अधिकारी के नाम शगुन, तथा 11 हजार रुपए कश्मीरी पंडित सिद्ध के नाम पर दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा 50 हजार रुपए सीएम रैली, रेल लाइन खर्च, टैक्स, जगराते और अन्य मदों के नाम पर भी राशि लिखे होने का दावा किया गया है।

वायरल सूची में सरकारी विभागों और अधिकारियों के नाम पर कथित खर्च दिखाए जाने से क्षेत्र में हलचल मच गई है। खासकर फैक्ट्री एक्ट इंस्पेक्टर, लेबर इंस्पेक्टर, मार्केट कमेटी और फिजिकल वेरिफिकेशन टीम से जुड़े नाम सामने आने से मामला और गंभीर होता नजर आ रहा है। हालांकि अभी तक इस सूची की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह एक साधारण कागज पर लिखी हुई बताई जा रही है।

दरअसल इससे पहले सोशल मीडिया पर तीन ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थीं, जिनमें फिजिकल वेरिफिकेशन कर रही टीम को 15-15 हजार रुपए देने और मिल में बैठकर बातचीत करने जैसी बातें सामने आई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने इसकी जांच एसडीएम पिहोवा को सौंपी थी और दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

इधर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भाकियू प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि मामले में लीपापोती की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पारदर्शी जांच नहीं हुई तो किसान संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। भाकियू ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय पिहोवा के बाहर रोष प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है।

वहीं मिलर एसोसिएशन पिहोवा के उपप्रधान बंटी कुमार ने वायरल सूची को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि यह कोई अधिकृत या प्रमाणिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति ने साजिश के तहत साधारण कागज पर लिखकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। उन्होंने मांग की कि सूची वायरल करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि एसोसिएशन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं।

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