नाला बना काल ! गोहाना में 3 साल के मासूम की डूबने से मौत, हंसते-खेलते परिवार में पसरा मातम

Edited By Krishan Rana, Updated: 23 Feb, 2026 07:19 PM

a drain turns deadly a 3 year old boy drowned in gohana leaving a happy family

गोहाना क्षेत्र के गांव भंडेरी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। घर से महज 50 मीटर दूर पानी से

गोहाना (सुनील जिंदल) : गोहाना क्षेत्र के गांव भंडेरी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। घर से महज 50 मीटर दूर पानी से भरे नाले में गिरने से 3 साल के मासूम कार्तिक की डूबकर मौत हो गई। जिस आंगन में कुछ देर पहले बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां पल भर में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे, जबकि पहले भी पंचायत से यहां कांटेदार झाड़ियां या बैरिकेडिंग लगाने की मांग की जा चुकी थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

परिजनों के अनुसार, कार्तिक रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही बने नाले की ओर चला गया। यह नाला तालाब में पानी भरने के लिए बनाया गया था। कुछ माह पहले भंडारा वाले तालाब की सफाई के दौरान इसी नाले के माध्यम से दूसरे तालाब में पानी डाला गया था। हालांकि पानी डाले जाने के बाद भी नाले में काफी मात्रा में पानी भरा रह गया था, जिससे वह बच्चों के लिए खतरनाक बना हुआ था।

फिसलकर गिरा, गहराई के कारण नहीं निकल सका बाहर

PunjabKesari

बताया जा रहा है कि खेलते समय कार्तिक नाले के किनारे पहुंचा और अचानक फिसलकर उसमें जा गिरा। नाला गहरा था और उसमें पानी भी अधिक भरा हुआ था। कम उम्र और गहराई के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। जब काफी देर तक कार्तिक घर नहीं लौटा तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मासूम का सुराग न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। देर शाम तलाश के दौरान कार्तिक का शव नाले से बरामद हुआ। जैसे ही बच्चे को बाहर निकाला गया, परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सुरक्षा इंतजाम न होने से ग्रामीणों में रोष

हादसे के बाद गांव के लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के पास सुरक्षा के लिए कांटेदार झाड़ियां या घेराबंदी की मांग पहले भी पंचायत से की गई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय कर दिए जाते तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

इकलौता बेटा था कार्तिक
कार्तिक के पिता सचिन निजी नौकरी करते हैं। कार्तिक से बड़ी उसकी दो बहनें हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर का चिराग बुझने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में खुले और पानी से भरे नालों के पास तुरंत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।  

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें) 

 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!