फर्जी रजिस्ट्री कांड: 6.16 करोड़ की जमीन का 'खेल' उजागर, डीड राइटर समेत 5 गिरफ्तार...ऐसे हुआ खुलासा

Edited By Isha, Updated: 17 Mar, 2026 08:38 AM

fake registry scam racket involving land worth 6 16 crore exposed

फर्जी रजिस्ट्री के मामले में गन्नौर थाना पुलिस ने लंबी जांच के बाद पांच आरोपियो को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका था, जिसके बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी। अब जांच में सामने

गन्नौर(कपिल): फर्जी रजिस्ट्री के मामले में गन्नौर थाना पुलिस ने लंबी जांच के बाद पांच आरोपियो को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका था, जिसके बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी। अब जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियो को काबू किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियो में सुरेश, सुरेंद्र, खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक प्रमोद तथा डीड राइटर दिनेश कुमार शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेश प्रापर्टी का काम करता है। उसी ने उत्तर प्रदेश निवासी सुरेंद्र को जमीन के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद सुरेंद्र ने जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।

प्रमोद ने फर्जी जमीन मालिक बनकर जमीन बेची, जबकि बलबीर ने खरीदार की भूमिका निभाई। गन्नौर के डीड राइटर दिनेश कुमार पर भी फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग करने का आरोप है। आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच गन्नौर थाना प्रभारी को सौंपी गई थी। प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई खामियां सामने आई थीं, जिसके बाद पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की। जांच में पुलिस ने सुरेश, सुरेंद्र, खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक प्रमोद तथा डीड राइटर दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियो को पुलिस ने गन्नौर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियो से मामले में संलिप्त अन्य आरोपियो के बारे में भी पता लगाने का प्रयास करेगी। 

 
दिल्ली के शालीमार बाग के बी ब्लाक के मकान नंबर 127, दूसरी मंजिल के रहने वाले विकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्रा. लि. की गन्नौर के बाय रोड पर वर्ष 2011 से दो रजिस्ट्रियों में 36 कनाल जमीन जमीन है। 10 जनवरी को उन्हें पता चला कि उनकी जमीन की फर्जी कागजों के आधार पर रजिस्ट्री हो गई है। जांच में उन्हें पता चला कि उनकी फर्म का फर्जी अथारिटी लेटर बनवाकर जमीन 6.16 करोड़ रुपये में बेची गई।

27 नवंबर को जमीन की रजिस्ट्री के दौरान गोहाना के गांव बरोदा के प्रवीन कुमार को गवाह और गांव बाय के रविंद्र को नंबरदार दिखाया गया है। विकास ने पुलिस को जमीन के फर्जी विक्रेता, फर्जी खरीदार बलबीर सिंह, गवाह रविंद्र व प्रवीन और डीड राइटर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। जिसके बाद ममाल में एसआईटी गठित की गई थी। अब एसआईटी ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियो को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियो को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। ताकि आरोपियो से गहनता से पुकताछ की जा सके।

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