Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 18 Jul, 2026 06:28 PM

शनिवार को जिला अदालत में चेक बाउंस केसों के निपटान के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित की गई जिसमें परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस...
गुड़गांव, (ब्यूरो): शनिवार को जिला अदालत में चेक बाउंस केसों के निपटान के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित की गई जिसमें परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस मामलों के निस्तारण किए गए।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा ने बताया कि विशेष राज्य लोक अदालत ने चेक अनादरण (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराया, जिससे पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ और किफायती न्याय मिला। लोक अदालत में धारा 138 के कुल 2846 मामले विचारार्थ रखे गए, जिनमें से 2339 मामलों का आपसी सहमति से समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
निस्तारित मामलों में 2 करोड़ 12 लाख 13 हजार रूपये की राशि पर समझौता हुआ। यह विशेष राज्य लोक अदालत न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने के साथ-साथ विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा ने कहा कि लोक अदालतें लोगों को जल्दी, आसान और कम खर्च में न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने के साथ-साथ आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम ने इस विशेष राज्य लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों, पक्षकारों तथा अन्य सभी संबंधित लोगों का आभार व्यक्त किया।