Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 02 May, 2026 07:43 PM

फिलहाल गुरुग्राम में केवल 42 फीट तक पहुंचने वाली फायर टेंडर ही उपलब्ध, 60 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाली महत्वपूर्ण मशीन खराब पड़ी
गुड़गांव, (ब्यूरो): गाजियाबाद में 15 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग को लेकर न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ऊंची इमारतों में रहने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच यह घटना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
समाजसेवी आर.के. जायसवाल ने बताया कि शहर में अग्निशमन (फायर टेंडर) व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम में फिलहाल केवल 42 फीट तक पहुंचने वाली फायर टेंडर ही उपलब्ध है, जबकि 60 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाली महत्वपूर्ण मशीन खराब पड़ी हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब शहर में तेजी से ऊंची-ऊंची इमारतें बन रही हैं, तो उनके अनुरूप अग्निशमन सुविधाएं क्यों विकसित नहीं की गईं? गुरुग्राम देश के सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहरों में शामिल है, इसके बावजूद बुनियादी आपातकालीन सुविधाओं की यह स्थिति चिंता का विषय है। जायसवाल का कहना है कि प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए खराब पड़ी मशीन को दुरुस्त करना चाहिए और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
एडवोकेट निहाल सिंह धारीवाल का मानना है कि ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति में पर्याप्त ऊंचाई तक पहुंचने वाले फायर टेंडर और आधुनिक उपकरण अत्यंत आवश्यक होते हैं। यदि ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हों, तो राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं और जन-धन की हानि का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति न केवल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि शहरी विकास के साथ-साथ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना उतना ही जरूरी है। स्पष्ट है कि गुरुग्राम जैसे विकसित शहर में इस प्रकार की कमी अस्वीकार्य है। अब समय आ गया है कि संबंधित विभाग इस दिशा में ठोस और त्वरित कदम उठाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।