CBSE Fraud: गुरुग्राम के एजुके्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल गुजरात से गिरफ्तार, 25 छात्रों का भविष्य दांव पर

Edited By Isha, Updated: 19 Apr, 2026 06:01 PM

principal of gurugram s educrest international school arrested in gujarat

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों के धोखा करने के मामले में सेक्टर-9ए स्थित एजुके्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस फर्जीवाड़े का तब खुलासा हुआ

गुरुग्राम: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों के धोखा करने के मामले में सेक्टर-9ए स्थित एजुके्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस फर्जीवाड़े का तब खुलासा हुआ था, जब एक छात्रा का परीक्षा देने के लिए रोल नंबर नहीं मिला। उसके परिजनों ने स्कूल में हंगाम किया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने स्कूल की फर्जी मान्यता दिखाकर यहां पर विद्यार्थियों के दाखिले किए थे। 

स्कूल के फर्जीवाड़े के खिलाफ शिकायत के आधार पर इसी साल फरवरी में सेक्टर-9ए थाना पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अपराध शाखा मानेसर द्वारा इस मामले में शनिवार 18 अप्रैल 2026 को गुजरात से स्कूल प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया निवासी बसई गुरुग्राम को गिरफ्तार किया गया। उनसे पुलिस पूछताछ में पता चला है कि विनय कटारिया पिछले आठ साल से इस स्कूल को चला रहा है। स्कूल को आठवीं कक्षा तक सीबीएसई की मान्यता प्राप्त है।


आरोपी ने रुपये कमाने के लालच में 10वीं कक्षा की फर्जी मान्यता दिखाकर 25 बच्चों को नौवीं व दसवीं कक्षा में दाखिला दिया। इस तरह से एजुके्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन व स्टाफ द्वारा सीबीएसई की फर्जी मान्यता दिखाकर धोखाधड़ी करके विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगाया गया। इस मामले में स्कूल प्रबंधन व स्टाफ के विरुद्ध पुलिस थाना सेक्टर-9 गुरुग्राम में धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज किया गया।बता दें कि 18 फरवरी 2026 को सेक्टर-9ए पुलिस थाना में एक शिकायत दी गई। शिकायत में व्यक्ति ने कहा कि उसकी बेटी एजुके्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा है। स्कूल प्रबंधन द्वारा दाखिला के समय यह दावा किया गया था कि विद्यालय सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। वैध मान्यता प्रमाण-पत्र एवं संबद्धता नंबर दिखाया गया था। 

 
उन्हें यह सब देखकर विश्वास हो गया और उन्होंने अपनी बेटी का दाखिला वहां पर करवा दिया। स्कूल द्वारा उनसे ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर शुल्क आदि विभिन्न मदों में नियमित रूप से शुल्क लिया गया। जब बोर्ड परीक्षा का समय आया तो छात्रा कोएडमिट कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसे लेकर स्कूल में जाकर बात की गई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं आया। बाद में जांच करने पर पता चला कि यह स्कूल सीबीएसई से न तो संबद्ध है और न ही मान्यता प्राप्त है। जो रजिस्ट्रेशन नंबर बताया गया वह भी फर्जी है। स्कूल के इस फर्जीवाड़े से छात्रा का एक साल खराब हो गया। छात्रा के पिता ने अपनी शिकायत में स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया, प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया, वाइस प्रिंसिपल सिमर बत्रा, कॉर्डिनेटर सोनिया व अन्य संबंधित स्टाफ सदस्यों के नाम शामिल किए।

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