ई-अधिगम के तहत स्कूली बच्चों को दिए गए टैबलेट के सही इस्तेमाल के लिए विभाग ने कसी कमर

Edited By Gourav Chouhan, Updated: 05 Aug, 2022 09:50 PM

workshops are organised for proper use of tablets given to school students

ई-अधिगम को छात्र और शिक्षक स्तर पर सही तरीके से लागू करने के लिए निदेशक सेकेंडरी शिक्षा विभाग डॉ अंशज सिंह की ओर से जिला स्तर पर वर्कशॉप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

अंबाला/चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बांटे गए टैबलेट के सफल क्रियान्वन और सही इस्तेमाल को लेकर अब विभाग की ओर से स्कूल प्रिंसिपल और जिला व ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों के लिए वर्कशॉप शुरू कर दी गयी है। ई-अधिगम को छात्र और शिक्षक स्तर पर सही तरीके से लागू करने के लिए निदेशक सेकेंडरी शिक्षा विभाग डॉ अंशज सिंह की ओर से जिला स्तर पर वर्कशॉप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कड़ी में वर्कशॉप की शुरुआत अम्बाला से की गई, जहां डीईओ, बीईओ, प्रिंसिपल, हेडमास्टर, पीजीटी कम्प्यूटर और स्कूल के टेक्निकल स्टाफ को वर्कशॉप में टेबलेट संचालन को लेकर अहम जानकारी दी गई।

 

टेक्निकल स्टाफ और PAL सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट की ली जा रही मदद

 

कार्यशाला में शिक्षा विभाग की ओर से जॉइंट डायरेक्टर विवेक कालिया और असिस्टेंट डायरेक्टर कुलदीप मेहता विशेष तौर पर मौजूद रहे और टेबलेट संचालन व PAL( personalized adaptive learning ) सॉफ्टवेयर और MDM(मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट) को लेकर दिशा निर्देश दिए। कार्यशाला में मुख्य तौर पर एमडीएम सॉफ्टवेयर के इंस्टॉलेशन और उसकी मोनिटरिंग के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही एमडीएम की मॉनिटरिंग और टैबलेट पर कितना और क्या कार्य करवाया गया, उसकी हर जानकारी और समाधान के लिए जिला स्तर पर डीएमएस (जिला गणित विशेषज्ञ) की नोडल अधिकारी के तौर पर ड्यूटी लगाई गई। वर्कशॉप में मौजूद शिक्षा अधिकारियों और प्रिंसिपल को दैनिक तौर पर इसकी निगरानी और समाधान करने के निर्देश दिए गए।

 

स्कूली पढ़ाई के डिजिटलाइजेशन के लिए हुआ है टैबलेट का वितरण

 

गौरतलब है प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा देने और बच्चों को शुरू से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के मकसद से कक्षा 10 वी और 12 के छात्रों और शिक्षकों को टैबलेट वितरित किये गए थे। फिलहाल विभाग प्रयास कर रहा है कि जिस मकसद से ये टैबलेट दिए गए हैं, इनका सही तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए ताकि छात्रों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके। विभाग की ओर से सभी छात्रों और शिक्षकों का सर्वर पर एकाउंट खोल दिया गया है, जिससे प्रत्येक शिक्षक और छात्र की पढ़ाई से सम्बंधित सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग शुरू हो गई है। विभाग की ओर से जल्द ही स्कूल स्तर तक पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि हर जरूरी लेवल पर मॉनिटरिंग की जा सके।

 

 (हरियाणा की खबरें टेलीग्राम पर भीबस यहां क्लिक करें या फिर टेलीग्राम पर Punjab Kesari Haryana सर्च करें।)

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!