Edited By Isha, Updated: 17 May, 2026 06:18 PM

मंढनाका गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में गिरने से मौत का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति, सास और ननद पर हत्या कर शव कुएं में फेंकने के आरोप लगाए हैं।
पलवल/हथीन( गुरूदत्त): मंढनाका गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में गिरने से मौत का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति, सास और ननद पर हत्या कर शव कुएं में फेंकने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 37 वर्षीय मूर्ति देवी की शादी करीब 18 वर्ष पूर्व मंढनाका निवासी प्रेमचंद पुत्र बीरसिंह के साथ हुई थी। शादी के लगभग 15-16 वर्ष तक संतान नहीं होने के बाद करीब एक वर्ष पूर्व कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया को अपनाया गया था। जिसके जरिए मूर्ति देवी ने करीब चार माह पहले एक बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म से दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था, लेकिन यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। मायके वालों के परिजनों के अनुसार कृत्रिम गर्भाधान के बाद मूर्ति देवी करीब 8 महीने तक अपने मायके में रही थी। इस दौरान उसके पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने की बात सामने आई, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच तनाव और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि जब मूर्ति देवी बेटे के जन्म के बाद ससुराल लौटी तो घरेलू कलह और अधिक बढ़ गई।
मृतका की मां अंगूरी देवी और बहन बाला ने आरोप लगाया कि उनके जीवन में( रोशनी) एक और महिला का प्रवेश हो फया था। जिसके कारण मूर्ति देवी परेशान और डरी-डरी रहती थी। मृतका के भाई महेश ने आरोप लगाए हैं कि ससुराल पक्ष नवजात बेटे के नामकरण के अवसर पर 10 लाख रुपये नकद और एक स्विफ्ट कार की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर मूर्ति देवी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का यह भी आरोप है कि बेटे के जन्म के 15 दिन बाद ही पति ने मूर्ति देवी के साथ मारपीट की थी।
घटना अवस्या के दिन की बताई जा रही है। बताया गया कि देवताओं को नहलाने के बाद मूर्ति देवी कुएं के पास गई, जहां उसकी मौत हो गई। हालांकि मायके पक्ष का आरोप है कि मूर्ति देवी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव कुएं में डाला गया है। इस मामले में हथीन थाना पुलिस ने पति प्रेमचंद, सास जलबती, ननद कविता समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा नंबर 152 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद मृतका के परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी तक शव लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। बाद में स्थानीय गणमान्य लोगों के समझाने पर परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव लेने को तैयार हुए। शव को अंतिम संस्कार के लिए मायके पक्ष अपने साथ ले गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की बात कह रही है। पुलिस ने कैमरे पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।