Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 04 Apr, 2026 07:36 PM

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) विभाग की जमीन पर रेहड़ी और खोखा लगाने वाले छोटे दुकानदारों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सदर थाना पुलिस ने एक दुकानदार की शिकायत पर झाड़सा गांव के रहने वाले तीन युवकों और उनके साथियों के खिलाफ रंगदारी...
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) विभाग की जमीन पर रेहड़ी और खोखा लगाने वाले छोटे दुकानदारों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सदर थाना पुलिस ने एक दुकानदार की शिकायत पर झाड़सा गांव के रहने वाले तीन युवकों और उनके साथियों के खिलाफ रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और अवैध वसूली करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को पुलिस अपराध शाखा सेक्टर-39 टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितिन कौशिक और हिमांशु स्वामी निवासी झाड़सा के रूप में हुई।
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पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग निवासी रंजीत कुमार महतो ने शिकायत में बताया कि उन्होंने यूनिटेक साइबर पार्क, सेक्टर-39 के पीछे एचएसवीपी विभाग की खाली जमीन पर पान-बीड़ी का खोखा लगाने के लिए नगर निगम (एमसीजी) से बकायदा लाइसेंस लिया हुआ है। इसके बावजूद स्थानीय दबंग उन्हें दुकान नहीं चलाने दे रहे हैं। रंजीत के अनुसार ने बताया कि झाड़सा गांव के रहने वाले तीन युवक और अन्य साथी पिछले तीन-चार महीनों से उन्हें डरा-धमका रहे हैं। आरोप है कि ये युवक हर महीने दो रुपये की हफ्ता वसूली (रंगदारी) लेकर जाते हैं। जब रंजीत ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो यहां खोखा नहीं लगाने देंगे। रेहड़ी वालों में भी दहशत का माहौल शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि यह गिरोह केवल उनसे ही नहीं, बल्कि उस इलाके में रेहड़ी और खोखा लगाने वाले अन्य गरीब दुकानदारों को भी इसी तरह डरा-धमकाकर अवैध वसूली करता है। आरोपियों के डर के कारण कई दुकानदार खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामला दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। फरार चल रहे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नितिन के खिलाफ पहले से ही अवैध वसूली , मारपीट, हत्या के प्रयास सहित कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आरोपी शुभम के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं।