Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 20 Jul, 2026 09:33 AM

ड्रग एंड कंट्रोल विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए नकली दवाइयां की खेप के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी नकली दवाइयां को सप्लाई करने वाले गिरोह के साथ जुड़े हुए थे जो दिल्ली एनसीआर में असली दवाइयां के नाम पर नकली दवाइयां की...
गुड़गांव, (ब्यूरो): ड्रग एंड कंट्रोल विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए नकली दवाइयां की खेप के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी नकली दवाइयां को सप्लाई करने वाले गिरोह के साथ जुड़े हुए थे जो दिल्ली एनसीआर में असली दवाइयां के नाम पर नकली दवाइयां की सप्लाई कर रहे थे। ड्रग एंड कंट्रोल विभाग ने कार्यवाही करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत में पेश कर उनको तीन दिन के रिमांड पर लिया है ।
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आपको बता दें कि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए टेलमा नाम की दवाई का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन नकली दवाइयां की सप्लाई करने वालों ने इस महंगी दवा से ज्यादा कमाई करने की लालच में असली दवाई के नाम पर नकली दवाई सप्लाई करनी शुरू कर दी। सूचना ड्रग एंड कंट्रोल विभाग को मिली जिसके बाद अधिकारियों ने कार्यवाही करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में संलिप्त एक आरोपी अभी भी फरार है जिसकी तलाश में ड्रग एंड कंट्रोल विभाग की टीम जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

ड्रग एंड कंट्रोलिंग विभाग के ऑफिसर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि 7 परसेंट अधिक कमाई के चक्कर में यह नकली दवाइयां का कारोबार फल फूल रहा है। असली ब्लड प्रेशर की दवाई के एक पत्ते का रेट करीबन 350 रुपए है लेकिन यह नकली दवाई मेडिकल स्टोर पर सस्ते दामों में सप्लाई करते थे ताकि मरीजों से इसका ज्यादा दाम वसूल सके। जांच के दौरान बरामद Telma-AM Tablets (Batch No. 05251007A) पर निर्माता के रूप में M/s Glenmark Pharmaceuticals Private Limited, Village Kishanpura, Baddi-Nalagarh Road, Tehsil Baddi, District Solan (Himachal Pradesh)-173205 दर्ज था।

मामले की पुष्टि के लिए संबंधित निर्माता कंपनी से भी संपर्क किया गया। ड्रग एंड कंट्रोल विभाग ऑफिसर में बताया कि Drugs & Cosmetics Act, 1940 की धारा 17B(e) के अंतर्गत Spurious Drug (नकली दवा) की श्रेणी में आती है। इस अपराध के लिए धारा 27(a) एवं धारा 27(c) के तहत कठोर दंड का प्रावधान है। इसके बाद आरोपी सुब्रत द्विवेदी को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। छापेमारी के दौरान फर्म के संचालक सुब्रत द्विवेदी से पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि यह दवा पटना से जुबैर नामक व्यक्ति द्वारा सप्लाई की गई थी। अधिकारियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से नकली दवाओं के पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।