Edited By Shivam, Updated: 22 Sep, 2020 09:45 PM
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के क्रैश हुए एयरक्राफ्ट में पलवल की आदर्श कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय प्रशिक्षु पायलट कोणार्क सरन की मौत हो गई। अकादमी से उड़ान भरते समय एयरक्राफ्ट आजमगढ़ जिले के फरीद्दीन गांव में क्रैश हुआ। क्रैश होने का कारण खराब...
पलवल (दिनेश): इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के क्रैश हुए एयरक्राफ्ट में पलवल की आदर्श कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय प्रशिक्षु पायलट कोणार्क सरन की मौत हो गई। अकादमी से उड़ान भरते समय एयरक्राफ्ट आजमगढ़ जिले के फरीद्दीन गांव में क्रैश हुआ। क्रैश होने का कारण खराब मौसम और बिजली गिरना बताया जा रहा है। मंगलवार को कोणार्क सरन का शव पलवल पहुंचा जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह अमेठी के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी (IGRUA) का एक फोर सीटर टीबी-20 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। इस हादसे में एयरक्राफ्ट को उड़ा रहे पलवल की आदर्श कॉलोनी निवासी ट्रेनी पायलट कोणार्क सरन की मौत हो गई। वह सोलो उड़ान पर था और मौसम खराब होने के कारण एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया।

ट्रेनी पायलट कोणार्क सरन की मौत का समाचार सुनते ही कॉलोनी में कोहराम मच गया। कोणार्क अपने माता-पिता का इकलौता बेटे व तीन बहनों का लाडले कोणार्क ने थापर यूनिवर्सिटी से बीटेक की थी। बीटेक पास करने के बाद कोणार्क ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में पायलट ट्रेनिंग के लिए करीब दो साल पहले दाखिला लिया था।

मंगलवार को पायलट कोणार्क सरन का पार्थिव शरीर पलवल पहुंचा। शव के पहुँचने पर लोगों का हुजूम पायलट के अंतिम दर्शन के लिए एकत्रित हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ा ही गमगीन माहौल नजर आया कोणार्क के साथ ट्रेनिंग लेने वाले उसके साथी और उसके परिजन फूट फूट कर रोए।
कोणार्क के पड़ोसी संतराम ने बताया कि कोणार्क बहुत ही होनहार युवक था और उसके माता पिता के साथ सभी को उसपर गर्व था। उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने में कोणार्क का जन्मदिन था और इस घटना से पहले दिन ही उसने अपनी माता से कहा था कि अबकी बार जन्मदिन घर पर ही मनाएगा, लेकिन इसके विपरीत हो गया। उन्होंने कहा कि पूरे शहर के लिए कोणार्क की मृत्यु होना अपूर्णीय क्षति है।