प्रॉपर्टी खरीदारों को तगड़ा झटका: नए वित्त वर्ष से बढ़ेंगी रजिस्ट्री की दरें... जानें आपके इलाके में कितनी महंगी होगी जमीन

Edited By Isha, Updated: 21 Mar, 2026 01:13 PM

registry rates set to rise from the new financial year

हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नए वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कलेक्टर रेट की नई सूचियां तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों के नए कलेक्टर रेट प्रभावी हो जाएंगे

डेस्क: हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नए वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कलेक्टर रेट की नई सूचियां तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों के नए कलेक्टर रेट प्रभावी हो जाएंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कई शहरी और प्राइम लोकेशन वाले इलाकों में इन दरों में 10% से 25% तक का इजाफा किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत जैसे शहरों के विकसित सेक्टरों और नेशनल हाईवे के साथ लगती जमीनों के रेट सबसे ज्यादा बढ़ सकते हैं। कलेक्टर रेट बढ़ने से सीधे तौर पर प्रॉपर्टी की स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) और रजिस्ट्री फीस बढ़ जाएगी, जिससे आम आदमी के लिए घर खरीदना पहले के मुकाबले महंगा होगा।


सभी जिला उपायुक्तों (DCs) ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की तहसीलों से प्रस्तावित रेट्स का सर्वे पूरा कर लिया है। इन दरों को निर्धारित करते समय पिछले एक साल में हुई रजिस्ट्रियों और बाजार मूल्य (Market Value) का ध्यान रखा गया है।रिहायशी और कमर्शियल साइट्स के रेट्स में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
कृषि योग्य भूमि के रेट्स में भी मामूली वृद्धि प्रस्तावित है।

31 मार्च तक पुरानी दरों पर होगी रजिस्ट्री
जिन लोगों ने हाल ही में प्रॉपर्टी खरीदी है या जिनके सौदे अंतिम चरण में हैं, उनके पास पुरानी दरों पर रजिस्ट्री करवाने के लिए 31 मार्च तक का समय है। इसके बाद होने वाली सभी रजिस्ट्रियों पर नए रेट ही लागू होंगे। प्रशासन का मानना है कि कलेक्टर रेट और मार्केट रेट के बीच के अंतर को कम करने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक है।

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