Edited By Isha, Updated: 14 Nov, 2025 10:50 AM

हरियाणा के गुरुग्राम में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने चुनाव तहसीलदार रोहित सुहाग को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
डेस्क: हरियाणा के गुरुग्राम में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने चुनाव तहसीलदार रोहित सुहाग को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में उनके सहायक सौरभ के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है, हालांकि वह फिलहाल फरार है।
गुरुग्राम एसीबी कार्यालय को दी गई शिकायत में एक ट्रांसपोर्टर ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान उपायुक्त गुरुग्राम द्वारा उसकी गाड़ियां चुनावी कार्यों के लिए लगाई गई थीं। ट्रांसपोर्टर का कहना था कि उसे सरकार द्वारा तय दरों के अनुसार भुगतान मिलना था। इसके लिए उपायुक्त कार्यालय ने भुगतान बिल पुलिस आयुक्त कार्यालय को भेज दिया था। भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पुलिस विभाग को चुनाव कार्यालय, जिला गुरुग्राम से एनओसी (No Objection Certificate) की जरूरत थी। लेकिन एनओसी जारी करने के बदले तहसीलदार रोहित सुहाग और उसके सहायक सौरभ ने उससे 3.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने कई बार अधिकारियों से निवेदन किया तो रिश्वत की रकम 3.5 लाख से घटाकर 2 लाख रुपए तय की गई। इसके बाद उसने इसकी जानकारी एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने एक ट्रैप (Trap Operation) बिछाया। एसीबी की टीम ने तहसीलदार रोहित सुहाग को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं, उसका सहायक सौरभ मौके से फरार हो गया। एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।