Edited By Manisha rana, Updated: 21 Mar, 2026 03:40 PM

सोनीपत जिले के शाहजादपुर गांव में पंचायत स्तर पर सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। विस्तृत जांच न्यायालय के निर्देशों और कई चरणों की सुनवाई के बाद प्रशासन ने सरपंच दीपक शर्मा को पद से बर्खास्त कर दिया है।
सोनीपत : जिले के शाहजादपुर गांव में पंचायत स्तर पर सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। विस्तृत जांच न्यायालय के निर्देशों और कई चरणों की सुनवाई के बाद प्रशासन ने सरपंच दीपक शर्मा को पद से बर्खास्त कर दिया है। डी.सी. सुशील सरवान द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दीपक अब सरपंच पद से जुड़े किसी भी अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत खाते से 92 सोलर स्ट्रीट लाइटों की मुरम्मत के नाम पर 4 लाख 63 हजार 680 रुपए निकाले गए थे। कागजों में सभी लाइटों को दुरुस्त दिखाया गया लेकिन जब भौतिक सत्यापन किया गया तो केवल 48 लाइटें ही सही हालत में पाई गईं जबकि कई लाइटें या तो गायब थीं या उन्हें दोबारा लगाया ही नहीं गया था।
इस कार्य के भुगतान से पहले जरूरी तकनीकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों अनुसार कार्य की पुष्टि जूनियर इंजीनियर और सब-डिविजनल इंजीनियर से करवाई जानी चाहिए थी लेकिन बिना किसी सत्यापन के ही भुगतान कर दिया गया। इससे न केवल वित्तीय अनियमितता बल्कि प्रशासनिक लापरवाही भी स्पष्ट रूप से सामने आई। सरपंच द्वारा प्रस्तुत जी.पी.एस. टैग फोटो भी फर्जी थीं। ये तस्वीरें गांव की बजाय सोनीपत शहर की अन्य लोकेशन की निकलीं। सरपंच द्वारा दिए जवाब और दस्तावेजों को भी जांच में संतोषजनक नहीं पाया गया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल सरपंच को पद से हटाया है बल्कि संबंधित के खिलाफ केस दर्ज करने और गबन की राशि की वसूली के भी आदेश जारी किए हैं।
सरपंच बोले-राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बनाया
सरपंच दीपक शर्मा ने कहा कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बनाया गया है। उन्होंने अपने पक्ष में पर्याप्त सबूत पेश किए थे व ग्रामीणों की गवाही दिलवाई थी लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। कार्रवाई एकतरफा की गई। इस कार्रवाई के खिलाफ वह अदालत में जाएंगे।
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