कारगिल में ऑपरेशन सफेद सागर करने वाले ग्रुप कैप्टन के साथ गुड़गांव में पार्किंग स्टाफ ने की मारपीट, केस दर्ज

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 14 Sep, 2026 10:42 PM

retired group captain beaten by parking operator in gurgaon

सेक्टर-58 स्थित मैग्नम ग्लोबल पार्क में पारिवारिक डिनर के लिए पहुंचे 1999 के कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) के वीर सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर पार्किंग कर्मचारी ने लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया।

गुड़गांव, (ब्यूरो): सेक्टर-58 स्थित मैग्नम ग्लोबल पार्क में पारिवारिक डिनर के लिए पहुंचे 1999 के कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) के वीर सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर पार्किंग कर्मचारी ने लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में पूर्व अधिकारी के सिर में गंभीर चोट आई है और उनके हाथ की हड्डी (कोहनी) टूट गई है।

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यह घटना गुरुवार रात करीब आठ बजे की है। ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क परिसर में स्थित गोंजो रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे थे। परिवार को रेस्टोरेंट के गेट पर उतारा और खुद कार पार्क करने चले गए। पीड़ित के अनुसार पार्किंग कर्मी उन्हें बेवजह गुमराह करते रहे। उन्हें पहले वैले पार्किंग, फिर बेसमेंट और उसके बाद मल्टी-लेवल पार्किंग में भेजा गया, लेकिन अंत में गाड़ी खड़ी करने से साफ मना कर दिया गया। 

 

गुप्ता अपनी कार को बैक करने लगे, तो पार्किंग कर्मचारी ने उनकी कार की फ्रंट विंडशील्ड पर हमला कर उसे तोड़ने का प्रयास किया। कार से बाहर निकलकर इस बदसलूकी का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कर्मचारी लोहे की रॉड से हाथ पर हमला किया, जिससे उनकी कोहनी की हड्डी टूट गई, और दूसरा वार सीधे सिर पर किया। हमले के बाद वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने तुरंत 112 पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन आरोप है कि आधे घंटे तक पुलिस की कोई गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच पास के एक रेस्टोरेंट के शेफ ने हिम्मत दिखाते हुए बीच-बचाव किया और हमलावर को रोका, जिससे पूर्व अधिकारी की जान बच सकी।

 

घायल अवस्था में उन्हें एम्बुलेंस से निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी टूटी हुई कोहनी को जोड़ने के लिए जटिल सर्जरी करनी पड़ी। पीड़ित ग्रुप कैप्टन ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि अस्पताल द्वारा बनाई गई शुरुआती लीगल रिपोर्ट में उनके सिर से बहते खून और कोहनी के फ्रैक्चर का कोई जिक्र नहीं किया गया। 1999 में कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दुश्मन को धूल चटाने वाले ऑपरेशन सफेद सागर का हिस्सा रहे थे।  एसीपी मुख्यालय अभिलक्ष जोशी ने बताया कि शिकायत पर सोमवार को सेक्टर-65 थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों की धरपकड़ के लिए अपराध शाखा और थाने की टीम लगी हुई है। 

 

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