अब हर पीने वाली दवा में इस चीज की होगी जांच, हरियाणा सरकार की सख्त हिदायत

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 17 Oct, 2025 08:32 PM

now it is mandatory to check for glycol in every drinking medicine

राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा है कि अब सभी पीने योग्य दवाओं में...

चंडीगढ़ : राजस्थान और मध्यप्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद हरियाणा सरकार ने दवा निर्माण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा है कि अब सभी पीने योग्य दवाओं में डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की जांच अनिवार्य होगी, चाहे उनमें प्रोपलीन ग्लाइकोल (PG) का उपयोग किया गया हो या नहीं।

पहले केवल प्रोपलीन ग्लाइकोल की ही जांच की जाती थी, लेकिन अब दवा निर्माण में इस्तेमाल किए गए पानी और अन्य घुलनशील तत्वों की भी जांच की जाएगी। राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल ने सभी वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम को सभी विनिर्माण इकाइयों में सख्ती से लागू करवाएं।

कफ सिरप में पाया गया था डायथिलीन ग्लाइकोल

पिछले दिनों राजस्थान और मध्यप्रदेश में खांसी की दवा पीने से कई बच्चों की मौत के बाद जांच में कफ सिरप के सैंपलों में डायथिलीन ग्लाइकोल पाया गया था। यह एक अत्यंत विषैला रसायन है जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।

लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

फार्मास्यूटिकल-ग्रेड ग्लिसरीन और प्रोपलीन ग्लाइकोल महंगे होने के कारण कुछ कंपनियां औद्योगिक-ग्रेड रसायनों का उपयोग करती हैं, जिससे यह हादसे होते हैं। सरकार ने चेताया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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