Edited By Harman, Updated: 21 Sep, 2026 09:08 AM

ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत चार्ज वसूलने के फैसले का कड़ा विरोध किया है।
यमुनानगर (सुरेंद्र मेहता) : ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत चार्ज वसूलने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि 15 अक्टूबर के बाद 2000 रुपये से अधिक का पेट्रोल-डीजल डलवाने पर उपभोक्ताओं से नगद भुगतान ही लिया जाएगा।
एसोसिएशन के प्रधान सचिन गुर्जर, उप प्रधान विक्रम सैनी, महासचिव तरुण जिंदल ने यमुनानगर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की सरकार ने 15 अक्टूबर के बाद प्रत्येक भुगतान पर 0.4% राशि लेने का जो आदेश जारी किया है, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन इसका कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप पर अधिकांश भुगतान यूपीआई के माध्यम से होता है, और प्रतिदिन 500 से 700 ट्रांजैक्शन होती हैं। उससे 60 से 70000 का प्रति महीने का नुकसान होगा, जो उनके प्रॉफिट को प्रभावित करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन अधिकांश ट्रांजैक्शन पर अगर यह चार्ज देना होगा तो एक बड़ा अमाउंट इस चार्ज के रूप में चला जाएगा, जबकि हमारे कमीशन पहले से ही बहुत कम है। उन्होंने बताया कि पिछले 9 साल में पेट्रोल डीजल की कमीशन मात्र 30 पैसे बड़ी है। यह महंगाई के हिसाब से हर 6 महीने बाद बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अब 15 अक्टूबर के बाद सभी उपभोक्ताओं से 2000 से अधिक का पेट्रोल, डीजल डलवाने पर उसका भुगतान कैश अनिवार्य करेंगे।पंपों पर अधिकांश भुगतान यूपीआई से होता है। हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना संभव नहीं है। अगर पंपों पर 2000 रुपये से अधिक पर कैश अनिवार्य किया गया तो आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उपभोक्ता बोले पहले सरकार ने कैशलेस की आदत डाली अब इस तरह से चार्ज लगाना गलत है।