अग्रिपथ योजना: खाप पंचायतें 24 को जिला मुख्यालयों पर सौंपेंगे ज्ञापन, 27 को होगा बड़ा जमावड़ा

Edited By Isha, Updated: 22 Jun, 2022 09:25 AM

khap panchayats will forward the youth

केंद्र की मोदी सरकार की सेना में भर्ती की अग्रिपथ योजना के विरोध में प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा। इस आंदोलन की अगुवाई युवा करेंगे और उनके पीछे मजबूत दीवार के रूप में खाप पंचायतें और किसान संगठन खड़े होंगे। अग्रिपथ योजना रद्द करवाने के लिए

जींद; केंद्र की मोदी सरकार की सेना में भर्ती की अग्रिपथ योजना के विरोध में प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा। इस आंदोलन की अगुवाई युवा करेंगे और उनके पीछे मजबूत दीवार के रूप में खाप पंचायतें और किसान संगठन खड़े होंगे। अग्रिपथ योजना रद्द करवाने के लिए 24 जून को जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 27 जून के भिवानी के तालू गांव से पदयात्रा शुरू होगी, जिसका समापन जींद के लिजवाना कलां गांव में 27 जून को ही होगा। समापन पर लिजवाना कलां में आगे के आंदोलन की रणनीति बनेगी।

यह बड़े फैसले मंगलवार को जींद की अर्बन एस्टेट कालोनी की जाट धर्मशाला में किसान संगठनों, खाप पंचायतों, रिटायर्ड सैनिकों के प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक में लिए गए। बैठक में भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी, विकास सिसर, सिक्किम श्योकंद, अभिमन्यू कुहाड़, समुंद्र फोर समेत अनेक खाप और किसान नेता शामिल हुए।  काफी समय तक अग्रिपथ योजना पर विचार के बाद इसे रद्द करवाने के लिए आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 40 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी ने मंथन के बाद कहा कि केंद्र अग्रिपथ योजना वापस ले। सेना में पहले की तरह नियमित भर्ती हों। जिन युवाओं ने सेना में भर्ती के लिए मैडीकल, फिजिकल और रिटन टैस्ट पास किए हुए हैं, उन्हें तुरंत नौकरी में ज्वाइन करवाया जाए। 

  सेना में भर्ती के लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर रही एकेडमी और कोचिंग सैंटर पर केंद्र द्वारा बनाए जा रहे दबाव को तुरंत समाप्त किया जाए। युवाओं के आंदोलन के दौरान जो केस युवाओं पर दर्ज हुए हंै, वह तुरंत वापस लिए जाएं। बैठक में फैसला लिया गया कि केंद्र की अग्रिपथ योजना के विरोध में जो आंदोलन होगा, उसकी अगुवाई युवा करेंगे। युवाओं के पीछे खाप पंचायतें, किसान संगठन मजबूती से खड़े रहेंगे। आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। इसमें हिंसा, तोड?ोड़ और आगजनी जैसी घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं होगी। अग्रिपथ योजना वापस लेने की मांग को लेकर 24 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 27 जून को भिवानी के तालू गांव से पदयात्रा शुरू होगी। 

इसका समापन 27 जून को ही जींद के लिजवाना कलां गांव में होगा। लिजवाना कलां गांव के सचिन नामक युवक ने केंद्र की अग्रिपथ योजना से आहत होकर पिछले दिनों आत्महत्या कर ली थी। सचिन के गांव लिजवाना कलां में पदयात्रा के समापन पर बहुत बड़ा जमावड़ा युवाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का होगा। उसी दिन आगे के आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस मुद्दे पर जो आंदोलन होगा, वह तिरंगे के नीचे होगा। बैठक में शामिल हुए किसान नेता गुरनाम चढूनी से लेकर सिक्किम श्योकंद, विकास सिसर, अभिमन्यू कुहाड़ आदि ने कहा कि सेना में 4 साल के लिए भर्ती न तो युवाओं के हित में है और न ही राष्ट्र के हित में है। 4 साल में तो एक सैनिक को पूरा प्रशिक्षण भी नहीं मिल पाता। सरकार की योजना देश की सुरक्षा को मजबूत करने की बजाय कारपोरेट घरानों के लिए सरकार के खर्चे पर प्रशिक्षित सिक्योरिटी गार्ड खड़े करने की है। यह किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा।

युवाओं से किसान आंदोलन की तर्ज पर शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान
मंगलवार को जींद में जुटे किसान और खाप नेताओं ने केंद्र की अग्रिपथ योजना के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं से संयम और अनुशासन में रहते हुए ठीक उसी तर्ज पर शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान किया, जिस तरह का आंदोलन मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने किया था। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन से ही जीत हासिल की जा सकती है। 

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