हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पर लगाया 1 लाख रुपए जुर्माना, जानिए क्या है वजह

Edited By Isha, Updated: 24 Feb, 2026 08:04 AM

high court imposed a fine of rs 1 lakh on the haryana staff selection commission

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शिफ्ट अटैंडैंट पद पर 100 प्रतिशत बधिर अभ्यर्थी की नियुक्ति रद्द करने के फैसले को सही ठहराते हुए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एच.एस.एस.सी.) पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शिफ्ट अटैंडैंट पद पर 100 प्रतिशत बधिर अभ्यर्थी की नियुक्ति रद्द करने के फैसले को सही ठहराते हुए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एच.एस.एस.सी.) पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह राशि अभ्यर्थी को 4 सप्ताह के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने माना कि आयोग की सिफारिश के चलते अभ्यर्थी को अनावश्यक कठिनाई और मानसिक आघात झेलना पड़ा।

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने प्रशांत पांडेय अभ्यर्थी की याचिका खारिज करते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के नियुक्ति रद्द करने के फैसले को भी सही ठहराया। याचिकाकर्ता ने 2016 के विज्ञापन के तहत शिफ्ट अटैंडैंट पद के लिए आवेदन किया था। कुल 2426 पदों में से 36 पद आंशिक रूप से श्रवण बाधित लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित थे। और साक्षात्कार के बाद याचिकाकर्ता को चयनित घोषित कर नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया।

हालांकि, ज्वाइनिंग के समय संबंधित कार्यालय ने यह कहते हुए कार्यभार ग्रहण नहीं कराया कि वह 100 प्रतिशत बधिर हैं और पद की प्रकृति सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इसके बाद निगम ने नियुक्ति रद्द कर दी। याचिकाकर्ता ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विज्ञापन में आरक्षण आंशिक रूप से बधिर अभ्यर्थियों के लिए था, न कि पूर्णत श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए।

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