विजय बंसल ने सीएम सैनी को ज्ञापन भेजकर पिजोर-कालका अर्बन कंपलेक्स में मंजूर लघु सचिवालय भवन बनाने की मांग की

Edited By Manisha rana, Updated: 19 Feb, 2026 01:27 PM

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कहने को तो वर्ष 1980 में तत्कालीन कांग्रेस की चौधरी भजनलाल सरकार ने कालका को उपमंडल का दर्जा दिया था लेकिन बेहद पिछड़े हुए

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): कहने को तो वर्ष 1980 में तत्कालीन कांग्रेस की चौधरी भजनलाल सरकार ने कालका को उपमंडल का दर्जा दिया था लेकिन बेहद पिछड़े हुए अर्ध पहाड़ी क्षेत्र कालका विधानसभा के प्रति सरकार की उदासीनता के कारण 46 वर्ष बाद भी आज तक कालका उपमंडल को लघु सचिवालय भवन उपलब्ध नहीं करवाया गया है। यह शब्द शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस हरियाणा प्रदेश पूर्व सचिव विजय बंसल एडवोकेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजने के बाद कहे।

 विजय बंसल ने बताया कि सन 1980 में तत्कालीन कांग्रेस की चौधरी भजनलाल सरकार के कार्यकाल में कालका को उपमंडल का दर्जा दिया गया था लेकिन सन 1987 में तत्कालीन इनेलो-भाजपा गठबंधन की सरकार के कार्यकाल में इसे पंचकूला शिफ्ट कर दिया गया था तब विजय बंसल ने कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के नेतृत्व में कालका को पुन उपमंडल का दर्जा देने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन भी किया था। लेकिन कांग्रेस की चौधरी भजनलाल सरकार के कार्यकाल में पंचकूला को उपमंडल का दर्जा बरकरार रखते हुए सन 1993 में कालका को फिर से उपमंडल का दर्जा दे दिया गया था और 15 अगस्त, 1995 को पंचकूला को जिला का दर्जा दे दिया गया था। विजय बंसल ने कहा कि कालका के उपमंडल बनने के 46 साल बाद भी लघु सचिवालय नहीं बन पाया है।

  विजय बंसल ने कहा कि कालका उपमंडल और पिंजौर ब्लॉक स्तर के सरकारी कार्यालय या तो प्राचीन खस्ताहाल भावनो में चल रहे हैं या इधर-उधर बिखरे हुए प्राइवेट भावनो में किराए पर चल रहे हैं। विजय बंसल ने सरकार पर कालका विधानसभा क्षेत्र के प्रति भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उपमंडल का सबसे बड़ा एसडीएम कार्यालय जो खुद अंग्रेजों के जमाने के छोटे से रेस्ट हाउस के कमरों में चल रहा है। इतना ही नहीं दूसरा तहसील कार्यालय भी प्राचीन भवन में चल रहा है जिसकी हालत बहुत खराब है छते हैं टपकती हैं। सहायक पुलिस कमिश्नर (एसीपी) कार्यालय भी कालका मेन बाजार में एक पुराने भवन में चल रहा है। 

विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि इसके अलावा पिंजौर बिजली मंडल कार्यालय और बिजली मंडल एक्सईएन कार्यालय भी एचएमटी के क्वार्टर में किराए पर चल रहे हैं, इतना ही नहीं पिंजोर गार्डन के सामने कृषि उपमंडल कार्यालय भवन को लगभग 6 वर्ष पूर्व तोड़कर फिलहाल कार्यालय को कॉलका के टिपरा में किराया की एक बिल्डिंग में शिफ्ट कर रखा है, ब्लॉक शिक्षा कार्यालय पिंजौर बीडिओ दफ्तर में अस्थाई तौर पर चलाया जा रहा है, और यहीं पर ही सहायक खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रण का कार्यालय चल रहा है। 

उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं पिंजौर जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति विभाग कार्यालय रतपुर के एक ट्यूबवेल की जगह पर अस्थाई तौर पर चल रहा है जबकि कालका के जन स्वास्थ्य है एवं जलपूर्ति विभाग के उपमंडल कार्यालय भी कालका रामबाग के पास ट्यूबवेल के कमरों में चल रहा है। इसके अलावा पिंजौर में कहीं भी ई -दिशा केंद्र नहीं है लोगों को आधार कार्ड एवं अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए ऑनलाइन कागज बनवाने के लिए कालका जाना पड़ता है। विजय बंसल ने बताया कि इसके अलावा कालका में सरकारी भवन या अन्य कोई जगह न होने के कारण सहायक लोक संपर्क विभाग कार्यालय (ए पी आर ओ) भी नहीं है एपीआरओ ऑफिस फिलहाल पंचकूला जिला लोक संपर्क (डीपीआरओ) ऑफिस में ही चल रहा है।

 विजय बंसल ने बताया कि नगर परिषद कालका का पिंजौर स्थित कार्यालय भी छोटी सी गली में पंचायत समिति के छोटे से कमरों में चल रहा है जबकि नगर परिषद कालका का अपना कोई स्थाई कार्यालय और कॉन्फ्रेंस हॉल नहीं है। इतना ही नहीं पिंजौर डाकघर की अपनी जमीन पिंजौर पुलिस स्टेशन के सामने पड़ी है जबकि डाकघर भीमा देवी कॉलोनी के एक किराए के कमरे में चल रहा है। विजय बंसल ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल को ज्ञापन भेज कर यहां पर डाकघर भवन बनाने की मांग की थी।

उन्होंने बताया कि कालका स्थित गांधी लाइब्रेरी को नगर परिषद कालका द्वारा चलाया जा रहा है। जबकि उन्होंने वर्ष 2008 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री मांगेराम गुप्ता के समक्ष मांग रख कर लाइब्रेरी को सरकार द्वारा संचालित करने का प्रस्ताव दिया गया था ताकि यह लाइब्रेरी उप मंडल स्तर की बड़ी लाइब्रेरी बन सके तब इस लाइब्रेरी का संचालन नगर पालिका कालका के पास था लेकिन किन्ही कारणों से प्रस्ताव लंबित कर दिया गया था अब गांधी लाइब्रेरी में सुविधा अपर्याप्त हैं।

  विजय बंसल ने कहा कि पिंजौर कालका क्षेत्र की सभी आंगनवाड़ीयों का केंद्र सीडीपीओ पिंजौर के अब्दुल्लापुर में बहुत ही खस्ता हालत एक किराए के मकान में चल रहा है। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि उन्होंने शिवालिक विकास मंच की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में वर्ष 2023 को याचिका दायर कर कालका के लिए एक लघु सचिवालय बनाने की मांग की थी जिसके बाद सरकार हरकत में आई और पिंजौर कालका अर्बन कंपलेक्स के विकसित हो रहे सेक्टर 28 में हुडा की लगभग 18 एकड़ भूमि कालका सब डिवीजन ज्यूडिशियल कांप्लेक्स और लघु सचिवालय के लिए अलॉट की गई थी। 

बंसल ने कहा कि हालांकि ज्यूडिशल कंपलेक्स भवन की आधारशिला रखी जा चुकी है लेकिन लघु सचिवालय के लिए सरकार ने अभी तक अनुमानित राशि मंजूर नहीं की है। परिणाम स्वरूप लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सरकारी सुविधाए नहीं मिल पा रही हैं जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

विजय बंसल ने बताया कि पिंजौर दूंन क्षेत्र के लगभग 20 किलोमीटर दूर तक के दर्जनों गांवो और रायतन क्षेत्र के लगभग 15 किलोमीटर दूर तक के दर्जनों गांव वासीओ को अपने काम करवाने के लिए यदि अलग-अलग कामों के लिए कालका एसडीएम कार्यालय जाना हो तो पहले उन्हें रेलवे रोड जाना पड़ेगा फिर थोड़ी दूरी पर तहसील कार्यालय के लिए दूसरे भवन जाना पड़ेगा, एसीपी कार्यालय संबंधित कामों के लिए उन्हें मेन बाजार कालका जाना पड़ता है, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से मिलने के लिए उन्हें बीडीपीओ पिंजौर कार्यालय जाना पड़ता है, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय में जाने के लिए भी उन्हें बीडीपीओ कार्यालय जाना पड़ता है। 

यदि सहायक लोक संपर्क विभाग कार्यालय जाना हो तो उसके लिए पंचकूला के जिला लोक संपर्क कार्यालय जाना पड़ेगा। नन्हे बच्चों से संबंधित आंगनवाड़ी कामों के लिए पिंजौर के अब्दुल्लापुर मे पुराने कमरों में जाना पड़ता है। विजय बंसल ने बताया कि उन्होंने लड़ाई लड़कर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस को पंचकूला से पिंजौर शिफ्ट करवाया था। वर्ष 2023 में बी ई ओ कार्यालय भवन निर्माण के लिए 67 लाख रूपये की राशि भी जारी कर रखी है लेकिन जमीन न होने के कारण भवन नहीं बन पा रहा।

  विजय बंसल ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन द्वारा और शिवालिक विकास मंच द्वारा कालका के लिए अलग से लघु सचिवालय बनाने की मांग की जाती रही है लेकिन अभी तक वह पूरी नहीं हुई है हुडा के सेक्टर में जमीन आलोट तो की गई है लेकिन वह भी शिवालिक विकास मंच की याचिका डालने के बाद दी गई है। हालांकि लघु सचिवालय के लिए जमीन तो दे दी गई लेकिन अभी तक भवन निर्माण के लिए फंड्स उपलब्ध नहीं करवाया गया है। अभी तक लघु सचिवालय भवन बनाने की मंजूरी वाली फाइल सरकारी दफ्तरों में धूल फाँक रही है। विजय बंसल ने बताया कि नारायणगढ़ और तो और बिलासपुर में भी उनका अपना लघु सचिवालय बन चुका है लेकिन कालका में अभी तक नहीं बना।

 विजय बंसल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि कहने को तो हरियाणा प्रदेश का सबसे पहला नंबर कालका विधानसभा है जो हिमाचल प्रदेश की सीमा के साथ लगा हुआ है लेकिन पिछड़ेपन में इसे सबसे अंतिम पायदान पर रखा हुआ है। कालका में ऐसा महसूस होता है कि यह कोई सब डिवीजन नहीं बल्कि साधारण सा कोई गांव है। साथ लगते पंचकूला में बड़े अच्छे-अच्छे दफ्तर बने हुए हैं लेकिन कालका में नहीं है।

  विजय बंसल ने कहा कि वर्ष 2005 से हुए कालका लघु सचिवालय भवन निर्माण के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं हालांकि अभी जमीन तो अलॉट कर दी गई है लेकिन भवन का निर्माण नहीं किया जा रहा।

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