Edited By Manisha rana, Updated: 19 Feb, 2026 01:05 PM

आज के दौर में भी ईमानदारी जिंदा है। ईमानदारी में मजहब का कोई महत्व नहीं होता फिर चाहे किसी भी मजहब का हो।फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले अशोक शर्मा पिछले साल जनवरी में कुंभ में घूमने गए।
फरीदाबाद (अनिल राठी) : आज के दौर में भी ईमानदारी जिंदा है। ईमानदारी में मजहब का कोई महत्व नहीं होता फिर चाहे किसी भी मजहब का हो।फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले अशोक शर्मा पिछले साल जनवरी में कुंभ में घूमने गए। अशोक शर्मा और उसके परिवार ने चोरी से बचने के लिए अपने घर का सारा सोना घर के ही एक डब्बे में बंद कर के बोरे में रख दिया था ताकि कोई चोर पीछे से चोरी ना कर सके, लेकिन दीपावली की सफाई के दौरान उन्होंने सारा समान कबाड़ा समझकर के कबाड़े के गोदाम में भगत सिंह कॉलोनी हाजी अख्तर खान साहब को दे दिया।
कबाड़ समझ बेच दिए थे 15 लाख के गहने
उन्हें क्या पता था जो वह कबाड़ा समझ कर बेच रहे हैं उसके अंदर उनके 15 लाख रुपए की कीमत की 10 तोले की ज्वेलरी रखी है। उनको और उनके परिवार को दिवाली पूजन के समय उस सोने की याद आई जो उन्होंने चोरों से बचने के लिए एक कबाड़े के डब्बे में रखा था। आखिरकार 4 महीने बाद कबाड़ी के मालिक ने अपने कबाडे में से ढूंढ कर वह 15 लाख रुपए की ज्वेलरी अशोक शर्मा और उसके परिवार को एसीपी जितेश मल्होत्रा की मौजूदगी में वापस की।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)