Haryana: हरियाणा में 1.45 लाख इंतकाल लंबित, जल्द शुरू होगा ऑटो-म्यूटेशन पोर्टल

Edited By Isha, Updated: 18 Feb, 2026 12:10 PM

1 45 lakh mutations pending in haryana

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में संपत्तियों की रजिस्ट्री को पेपरलेस बनाकर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में कदम उठाया है, लेकिन ‘ऑटो-म्यूटेशन’ (स्वतः इंतकाल) की योजना अभी भी

डेस्क: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में संपत्तियों की रजिस्ट्री को पेपरलेस बनाकर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में कदम उठाया है, लेकिन ‘ऑटो-म्यूटेशन’ (स्वतः इंतकाल) की योजना अभी भी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 1.45 लाख म्यूटेशन (इंतकाल) के मामले लंबित हैं। अधिकारियों का कहना है कि देरी का कारण तकनीकी खामी नहीं, बल्कि पटवारी, कानूनगो और तहसील स्तर पर प्रक्रियात्मक सुस्ती है।

स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। इसके लिए करीब डेढ़ महीने की समय-सीमा तय की गई है, ताकि भविष्य में ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली को सुचारु रूप से लागू किया जा सके। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, प्रदेश के 22 जिलों में 143 तहसील-उप तहसील और 7104 गांव हैं। इनमें से लगभग 80,182 मामलों में अब तक ऑनलाइन प्रविष्टि ही दर्ज नहीं हो सकी है। वहीं करीब 65,221 मामले पटवारी और कानूनगो स्तर पर स्वीकृति के इंतजार में लंबित पड़े हैं। जनवरी के पहले सप्ताह तक करीब 2.43 लाख इंतकाल लंबित थे। इसके बाद राजस्व विभाग ने विशेष अभियान चलाते हुए जनवरी के प्रत्येक शनिवार को कैंप लगाए और करीब 98 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया।

क्या है म्यूटेशन और क्यों जरूरी?
म्यूटेशन, जिसे इंतकाल, दाखिल-खारिज या नामांतरण भी कहा जाता है, वह प्रक्रिया है जिसके जरिए राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में पुराने मालिक की जगह नए मालिक का नाम दर्ज किया जाता है। रजिस्ट्री के बाद यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होता है। यह स्वामित्व का कानूनी प्रमाण देता है और भविष्य में किसी भी विवाद से बचाव के लिए जरूरी है। साथ ही सरकार संपत्तिकर और अन्य राजस्व की वसूली भी इसी रिकॉर्ड के आधार पर करती है। इसलिए रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन कराना बेहद जरूरी माना जाता है।

जल्द शुरू होगा ऑटो-म्यूटेशन पोर्टल
Haryana Revenue and Disaster Management Department के अधिकारियों के अनुसार पेपरलेस रजिस्ट्री पोर्टल को जल्द अपग्रेड किया जाएगा। विभाग के निदेशक डॉ. यशपाल ने संकेत दिए हैं कि अगले एक से डेढ़ महीने में ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा। हालांकि इसके लिए पहले सभी पुराने लंबित मामलों का निपटारा करना जरूरी है। अपग्रेडेशन के बाद नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!