Edited By Isha, Updated: 12 Feb, 2026 05:26 PM

हरियाणा में प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ सख्ती अब जमीन पर दिखने लगी है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने पिछले चार सप्ताह में राज्यभर में अभियान चलाकर 1849 चालान जारी किए हैं
डेस्क : हरियाणा में प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ सख्ती अब जमीन पर दिखने लगी है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने पिछले चार सप्ताह में राज्यभर में अभियान चलाकर 1849 चालान जारी किए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कुल 15 लाख 97 हजार 300 रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना भी लगाया गया है। यह कार्रवाई 24 दिसंबर, 2025 से 20 जनवरी, 2026 के बीच की गई, जिसमें बोर्ड की टीमों ने औचक निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और फील्ड स्तर पर निगरानी को तेज किया।
बोर्ड की यह मुहिम केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा अधिसूचित प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 और उनके संशोधन (2018, 2021, 2022) के तहत चलाई जा रही है। साथ ही विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) दिशा-निर्देश, 2022 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्लास्टिक के उत्पादन, उपयोग, संग्रहण और निस्तारण में किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एचएसपीसीबी ने अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है। इसके तहत नियमित और औचक निरीक्षण, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा सत्यापन, प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और वैज्ञानिक निपटान की जांच तथा उल्लंघन पर त्वरित नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई लागू की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य है।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इकाइयों को बंद करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं। अधिकारियों को ‘शून्य सहनशीलता’ नीति के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का कहना है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण से न केवल कचरे की समस्या कम होगी, बल्कि जल स्रोतों और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहेगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योगों, व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों का पालन करें और स्वच्छ, सुरक्षित व प्लास्टिक-मुक्त हरियाणा के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।